बाढ़ के साथ गंगा से बहकर आए तीन विशाल मगरमच्छ, गड्ढे में फंसे, ग्रामीणों में दहशत
Bihar News: गंगा नदी में आई पिछली बाढ़ अब धीरे-धीरे उतर चुकी है, लेकिन उसके साथ आई दहशत अभी भी ग्रामीणों को सताए हुए है। ....

Bihar News: गंगा नदी में आई पिछली बाढ़ अब धीरे-धीरे उतर चुकी है, लेकिन उसके साथ आई दहशत अभी भी ग्रामीणों को सताए हुए है। बाढ़ का पानी घटते ही मुंगेर सदर प्रखंड के बरदह गांव में एक चौंकाने वाला नजारा सामने आया। यहां बाढ़ की धारा तीन विशालकाय मगरमच्छों को बहाकर ले आई, जो गांव के किनारे स्थित एक गहरे पत्थर खदान के गड्ढे में फंस गए। अब यही गड्ढा उनका ठिकाना बन चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब मिर्जापुर बरदह इलाके में पत्थर उत्खनन बंद हुआ था, तो वहां बड़ा गड्ढा छूट गया था, जो बरसात और बाढ़ में पानी से भर जाता है। पिछले 15 दिन पहले आई बाढ़ में गंगा की लहरों के साथ तीन मगरमच्छ यहां पहुंच गए।
पानी घटने के बाद वे गंगा में लौट नहीं सके और अब उसी गड्ढे में फंसे हैं।दिन में कभी धूप सेंकते तो कभी पानी में आराम से तैरते हुए दिखाई पड़ जाते हैं।राहगीरों और ग्रामीणों को इनका नजारा कई बार मिल चुका है।इन मगरमच्छों के आने से बरदह गांव में खौफ और दहशत का माहौल है। लोग शाम होते ही गड्ढे की ओर जाने से बचते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे और मवेशी अगर गलती से गड्ढे के आसपास चले गए तो बड़ी अनहोनी हो सकती है।लोगों का कहना है कि गांव के बीच ऐसे खूंखार जानवर हों और वन विभाग खामोश रहे, यह हमारी सुरक्षा से खिलवाड़ है।
ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग को सूचना दी है, लेकिन अभी तक न तो मगरमच्छों को रेस्क्यू किया गया और न ही कोई सुरक्षा उपाय किए गए हैं।गांववालों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
अगर समय रहते इनका सुरक्षित रेस्क्यू नहीं किया गया तो मगरमच्छ भूख में आक्रामक हो सकते हैं।लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।उनका कहना है कि वन विभाग की टीम भेजकर मगरमच्छों को गंगा नदी में सुरक्षित छोड़ा जाए, ताकि गांववाले दहशत से बाहर निकल सकें।
रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान