Muzaffarpur charas smuggling: मुजफ्फरपुर में बस से छिपाकर ले जा रहा था 10 करोड़ की चरस, DRI-STF की कार्रवाई में 1 आरोपी गिरफ्तार

Muzaffarpur charas smuggling: मुजफ्फरपुर DRI और बिहार STF ने पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट में बस से 10 किलो चरस बरामद की है। करीब 10 करोड़ रुपये की चरस के साथ राजेश सहनी गिरफ्तार हुआ है।

Muzaffarpur charas smuggling

Muzaffarpur charas smuggling: बिहार के मुजफ्फरपुर में नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। मुजफ्फरपुर की डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने नेपाल से भारत लाई जा रही चरस की खेप पकड़ी है। टीम ने पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट के पास एक बस को रोककर 10 किलोग्राम चरस बरामद की। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मौके से राजेश सहनी नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।


नेपाल से लाई गई थी चरस की खेप


जानकारी के अनुसार, DRI को खुफिया सूचना मिली थी कि नेपाल के रास्ते भारत में चरस की बड़ी खेप लाई जा रही है। इसके बाद मुजफ्फरपुर DRI और बिहार STF की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की तैयारी की। एजेंसियों को आशंका थी कि तस्कर खेप को अलग-अलग बसों और ट्रेनों के जरिए देश के कई हिस्सों तक पहुंचाने की योजना बना रहे हैं। गुरुवार दोपहर टीम को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति बस से चरस लेकर जा रहा है। इसके बाद संयुक्त टीम ने पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट के पास बस को रुकवाया और संदिग्ध यात्री की तलाशी ली। उसके सामान से 10 किलोग्राम चरस बरामद हुई। अधिकारियों ने एक मोबाइल फोन और कुछ नकदी भी जब्त की है।


गुजरात और दूसरे राज्यों में भेजी जानी थी चरस


जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश सहनी के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वह चरस नेपाल से लेकर आया था। इसे उत्तर प्रदेश के बस्ती के रास्ते गुजरात के पाटन और देश के दूसरे हिस्सों में पहुंचाया जाना था। एजेंसियों को शक है कि इस तस्करी नेटवर्क का संपर्क उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में फैले गिरोहों से हो सकता है। हालांकि, इस नेटवर्क में शामिल दूसरे लोगों और इसके मुख्य संचालकों की पहचान के लिए जांच जारी है।


NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई


DRI और बिहार STF ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act), 1985 के तहत कार्रवाई की है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नेपाल से चरस की खेप किसके जरिए भारत लाई गई और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। फिलहाल, 10 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाली चरस की बरामदगी के बाद एजेंसियां पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं।

मुजफ्फरपुर से मनीभूषण शर्मा की रिपोर्ट