उत्तर भारतीय महिलाओं पर टिप्पणी पड़ी महंगी : सांसद दयानिधि मारन के खिलाफ मुजफ्फरपुर कोर्ट में मुकदमा दर्ज

सांसद दयानिधि मारन द्वारा उत्तर भारतीय महिलाओं और लड़कियों को लेकर दी गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी अब कानूनी शिकंजे में है। मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता सुधीर ओझा ने इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताते हुए अदालत में परिवाद दायर किया है।

उत्तर भारतीय महिलाओं पर टिप्पणी पड़ी महंगी : सांसद दयानिधि म

Muzaffarpur : तमिलनाडु के सांसद दयानिधि मारन द्वारा उत्तर भारतीय महिलाओं और लड़कियों को लेकर दी गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी अब कानूनी विवाद में तब्दील हो गई है। मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता सुधीर ओझा ने इस मामले में परिवाद दायर किया है, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए सुनवाई की तारीख भी तय कर दी है। 

सांसद के विवादित बयान पर कानूनी कार्रवाई

तमिलनाडु के सांसद दयानिधि मारन के खिलाफ मुजफ्फरपुर के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम की अदालत में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया है। अधिवक्ता सुधीर ओझा ने आरोप लगाया है कि सांसद ने जानबूझकर उत्तर भारतीयों और हिंदी भाषियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। अदालत ने इस परिवाद पर संज्ञान लेते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जनवरी 2026 की तिथि निर्धारित की है। 

महिलाओं की गरिमा और हिंदी भाषियों का अपमान

परिवाद के अनुसार, सांसद मारन ने 14 जनवरी 2026 को एक वक्तव्य दिया था जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा कि उत्तर भारतीय हिंदी भाषी महिलाएं और लड़कियां केवल खाना बनाने, घर में रहने और बच्चे पैदा करने के लिए हैं। अधिवक्ता ने तर्क दिया है कि इस तरह के बयान से न केवल महिलाओं की लज्जा भंग हुई है, बल्कि पूरे उत्तर भारत के सम्मान को वैश्विक स्तर पर ठेस पहुँचाने की कोशिश की गई है। 

भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराएं

अधिवक्ता सुधीर ओझा ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। इनमें मुख्य रूप से धारा 74, 75, 79, 192, 298, 352 और 251 (खंड 2) शामिल हैं। आरोप है कि आगामी चुनावों को देखते हुए तुच्छ राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए समाज में वैमनस्य फैलाने और महिलाओं का अपमान करने वाला यह कृत्य किया गया है।

Report - mani  bhushan sharma