Bihar News : मुजफ्फरपुर में अपहरण की झूठी साजिश का पर्दाफाश, पुलिस ने नाबालिग को मामा के घर से किया बरामद, परिजनों ने ही रची थी कहानी
Bihar News : मुजफ्फरपुर पुलिस ने अपहरण की झूठी कहानी का पर्दाफाश किया है. कथित रुप से अपहृत नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया है......पढ़िए आगे
MUZAFFARPUR : जिले के सकरा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक 16 वर्षीय नाबालिग के अपहरण की खबर से हड़कंप मच गया। परिजनों ने पुलिस को आवेदन देकर आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके पुत्र का अपहरण कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशिक्षु डीएसपी सह सकरा थानाध्यक्ष शिवानी श्रेष्ठा ने खुद कमान संभाली और दल-बल के साथ जांच शुरू की। पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
जांच के दौरान जब पुलिस ने परिजनों से घटनाक्रम की जानकारी ली, तो उनके बयानों में काफी विरोधाभास नजर आया। पुलिस को शक हुआ कि मामला वैसा नहीं है जैसा बताया जा रहा है। थानाध्यक्ष शिवानी श्रेष्ठा के नेतृत्व में जब परिजनों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो अपहरण की पूरी कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। परिजनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने खुद ही अपने बेटे को समस्तीपुर स्थित उसके मामा के घर छिपा रखा है।
साजिश का खुलासा होते ही सकरा पुलिस की एक टीम तुरंत समस्तीपुर पहुंची। वहां बताए गए ठिकाने पर छापेमारी कर पुलिस ने नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया। जिस मामले को लेकर पूरे इलाके में तनाव और सनसनी फैल गई थी, वह महज चंद घंटों में पुलिस की सक्रियता से सुलझ गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिजनों ने किन लोगों को फंसाने के लिए यह झूठी साजिश रची थी।
प्रशिक्षु डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा ने बताया कि आवेदन मिलते ही पुलिस 'अलर्ट मोड' में आ गई थी। उन्होंने कहा, "अपहरण जैसे गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। जांच में पता चला कि परिजनों ने ही युवक को छिपाया था। महज कुछ ही घंटों के भीतर नाबालिग को बरामद कर लिया गया है।" पुलिस की इस पेशेवर कार्यशैली की वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सराहना की है।
फिलहाल, पुलिस ने बरामद नाबालिग को अपनी कस्टडी में रखा है। कानूनी प्रक्रिया के तहत कल (मंगलवार) उसे न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि झूठा मुकदमा दर्ज कराने और पुलिस को गुमराह करने के मामले में भी परिजनों पर कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।
मणिभूषण की रिपोर्ट