Bihar Politics: महिलाओं पर अमर्यादित टिप्पणी से गरमाई सियासत, जदयू ने की ब्रजवासी से सार्वजनिक माफी की मांग

Bihar Politics: महिलाओं के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जदयू ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी पर निशाना साधा है।

JDU Targets Brajwasi Over Remarks Seeks Public Apology
महिलाओं पर अमर्यादित टिप्पणी से गरमाई सियासत- फोटो : reporter

Bihar Politics: मुजफ्फरपुर में महिलाओं के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जदयू ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी पर निशाना साधा है। जदयू जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधान परिषद सदस्य एवं जदयू प्रदेश प्रवक्ता डॉ. भारती मेहता और प्रदेश प्रवक्ता व बिहार राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष अंजुम आरा ने कथित टिप्पणी को लेकर ब्रजवासी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।जदयू नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद और चुनावी प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन महिलाओं की गरिमा से जुड़े मामलों में सार्वजनिक भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कथित टिप्पणी को लेकर ब्रजवासी को सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए।

प्रेस वार्ता में स्कूलों में लगाए गए RO और वॉटर प्यूरीफायर का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। जदयू नेताओं ने कहा कि एनडीए समर्थित प्रत्याशी इंजीनियर अभिषेक कुमार झा की ओर से ब्रजवासी की अनुशंसा से जुड़े विद्यालयों में लगाए गए RO/वॉटर प्यूरीफायर की लागत और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर के 66 सरकारी विद्यालयों में RO/वॉटर प्यूरीफायर लगाने के लिए राशि की अनुशंसा किए जाने की बात सामने आई है। जदयू ने टेंडर, BOQ, सप्लाई ऑर्डर, बिल, भुगतान वाउचर और गुणवत्ता प्रमाण-पत्र समेत संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।हालांकि, नेताओं ने स्पष्ट किया कि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष दस्तावेज और सक्षम एजेंसी की जांच के बाद ही निकाला जाना चाहिए।

डॉ. भारती मेहता और अंजुम आरा ने कहा कि जनप्रतिनिधि के कार्यों और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब तथ्य और दस्तावेज के साथ देना लोकतांत्रिक जवाबदेही का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मूल सवालों का जवाब देने के बजाय बहस को महिलाओं की गरिमा, जाति और भावनात्मक मुद्दों की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है।

अंजुम आरा ने कहा कि सामाजिक पृष्ठभूमि का सम्मान जरूरी है, लेकिन दस्तावेजों से जुड़े सवालों का जवाब भी तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए।डॉ. भारती मेहता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम और तस्वीर के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण का मुद्दा सार्वजनिक आचरण से भी जुड़ा है।

जदयू नेताओं ने कहा कि तिरहुत की पहचान शिक्षा और बौद्धिक परंपरा से रही है और यहां के मतदाता सार्वजनिक जीवन में मर्यादा, पारदर्शिता तथा जवाबदेही की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने ब्रजवासी से कथित टिप्पणी पर माफी मांगने के साथ-साथ RO-प्यूरीफायर से जुड़े सवालों का दस्तावेजों के साथ जवाब देने की मांग की।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा