Cyber Fraud: डिजिटल गोल्ड में निवेश के नाम पर 85 लाख की ठगी, सोशल मीडिया के जाल में फंसे मुजफ्फरपुर के दो कारोबारी
Cyber Fraud: सोशल मीडिया या अनजान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही लाखों के नुकसान में बदल सकती है।
Cyber Fraud: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच निवेश का लालच देकर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर से ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया के जरिए डिजिटल गोल्ड में निवेश का झांसा देकर दो कारोबारियों से करीब 85 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। यह मामला न सिर्फ बड़े पैमाने पर हुए आर्थिक नुकसान को उजागर करता है, बल्कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर हो रही नई तरह की धोखाधड़ी की ओर भी इशारा करता है।
भगवानपुर महेश्वर मार्केट से जुड़ा है पूरा मामला
यह साइबर ठगी मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र स्थित भगवानपुर महेश्वर मार्केट से जुड़ी है। यहां के रहने वाले कारोबारी नीलय भारती और उनके मित्र श्याम बाबू सिंह इस धोखाधड़ी का शिकार बने हैं। पीड़ितों के अनुसार, नीलय भारती से करीब 82.59 लाख रुपये और पताही निवासी श्याम बाबू सिंह से दो लाख रुपये से अधिक की रकम ठग ली गई। इस मामले में इंदौर की रहने वाली युवती समानता कश्यप पर ठगी का आरोप लगाया गया है।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ संपर्क, भरोसे में बदली बातचीत
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों कारोबारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आरोपी युवती के संपर्क में आए थे। शुरुआत में सामान्य बातचीत हुई, जिसके बाद धीरे-धीरे विश्वास का माहौल बन गया। बातचीत के दौरान युवती ने खुद को गोल्ड और सिल्वर निवेश से जुड़े कारोबार से जोड़कर बताया और डिजिटल गोल्ड में निवेश करने पर ज्यादा मुनाफे का दावा किया। उसके द्वारा दिखाए गए आंकड़ों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को देखकर दोनों कारोबारी निवेश के लिए तैयार हो गए।
कनकधाम और साब्रेन गोल्ड एक्सचेंज के नाम पर निवेश
जांच के अनुसार, पहले पीड़ितों से कनकधाम एक्सचेंज और बाद में साब्रेन गोल्ड एक्सचेंज के नाम पर निवेश कराया गया। शुरुआत में निवेश से जुड़ी जानकारी और आंकड़े सामान्य दिखाई देते रहे, जिससे भरोसा और मजबूत हुआ। लेकिन कुछ समय बाद अचानक युवती से संपर्क टूट गया और निवेश से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलनी बंद हो गई। यहीं पर दोनों कारोबारियों को ठगी का एहसास हुआ।
1930 पर शिकायत, साइबर थाना में दर्ज हुई एफआईआर
ठगी का पता चलते ही पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मुजफ्फरपुर साइबर थाना में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई। फिलहाल पुलिस डिजिटल प्लेटफॉर्म, बैंक लेन-देन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच कर रही है, ताकि ठगी की पूरी कड़ी को उजागर किया जा सके और आरोपी तक पहुंचा जा सके।