Bihar News : मुजफ्फरपुर में 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' के तहत बड़ा खुलासा, ग्राहकों को ठगने वाले गिरोह का शातिर सदस्य हुआ गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर जिले में सक्रिय एक शातिर साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया गया है. जो फ्रेंचाइजी की आड़ में ग्राहकों को अपने जाल में फंसाता था......पढ़िए आगे

Bihar News : मुजफ्फरपुर में 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' के तहत बड़
फ्रेंचाइजी की आड़ में ठगी - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में साइबर अपराध और डिजिटल ठगी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष रूप से "ऑपरेशन साइबर प्रहार" चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत मुजफ्फरपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जिसके अंतर्गत जिले में सक्रिय एक शातिर साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को दबोच लिया है, जबकि गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

साइबर डीएसपी के नेतृत्व में बनी टीम

दरअसल, मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा को पिछले कुछ समय से लगातार विभिन्न माध्यमों द्वारा साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से संबंधित कई शिकायतें मिल रही थीं। मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने मानवीय इनपुट और आधुनिक तकनीकी (साइबर सेल) तरीकों का समन्वय कर मामले की गहराई से जांच शुरू की, जिसके बाद मोतीपुर थाना क्षेत्र से गिरोह के सक्रिय सदस्य मो. चांद को गिरफ्तार कर लिया गया।

फ्रेंचाइजी की आड़ में ओटीपी मंगाकर करते थे ठगी

पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए सिटी एसपी मो. मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मो. चांद ने एक नामी निजी कंपनी की फ्रेंचाइजी ले रखी थी। इस फ्रेंचाइजी की आड़ में वह ग्राहकों को अपने जाल में फंसाता था और चालाकी से उनसे उनके मोबाइल पर आया ओटीपी (OTP) मांग लेता था। ओटीपी प्राप्त होते ही यह गिरोह ग्राहकों द्वारा मंगाए गए असली और कीमती सामान को सस्ते सामान से बदल देता था, जिससे ग्राहकों को भारी चपत लगती थी।

रिफंड का पैसा अपने खातों में करते थे ट्रांसफर

सिटी एसपी ने अपराधियों के काम करने के तरीके (मोडस ऑपेरंडी) के बारे में आगे बताया कि यह गिरोह केवल सामान बदलने तक ही सीमित नहीं था। कई मामलों में जब ग्राहक अपना सामान कैंसिल या रिटर्न करते थे, तो उनके रिफंड का पैसा भी ये शातिर अपराधी ओटीपी के माध्यम से हेरफेर कर कंपनी के बजाय सीधे अपने निजी बैंक खातों में मंगवा लिया करते थे। गिरफ्तार मो. चांद मूल रूप से जिले के सरैया थाना क्षेत्र का रहने वाला है और पुलिस अब उसके पूरे बैंक ट्रांजैक्शन खंगाल रही है।

फरार मास्टरमाइंड की तलाश

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी मो. चांद के पास से अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें एक लैपटॉप, मोबाइल फोन और स्कैनर समेत कई अन्य संदिग्ध सामान शामिल हैं। सिटी एसपी ने बताया कि इस पूरे खेल का असली मास्टरमाइंड मो. चांद का सगा भाई है, जो फिलहाल पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा है। पुलिस की विशेष टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और पकड़े गए आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। 

मणिभूषण की रिपोर्ट