वेश्यावृत्ति के दलदल से निकाली गईं 6 नाबालिग, 'बुआ-मौसी' का ढोंग रचने वाली ब्रॉथल ओनर बेनकाब
Muzaffarpur - नगर थाना क्षेत्र स्थित रेड लाइट एरिया में सिटी एसपी कोटा किरण कुमार के निर्देश पर की गई छापेमारी में एक बड़े अमानवीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने दो घरों से कुल 9 लोगों को बरामद किया है, जिनमें 6 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इन लड़कियों को बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों से खरीदकर लाया गया था।
NCPCR और NGO की सूचना पर हुई कार्रवाई
यह सफल ऑपरेशन दिल्ली स्थित एक एनजीओ और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के एंटी ट्रैफिकिंग सेल (ATC) से मिली गुप्त सूचना के आधार पर किया गया। रेड लाइट एरिया में नाबालिग लड़कियों से जबरन देह व्यापार कराए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
रिश्तेदारी का झूठा मुखौटा और जबरन वेश्यावृत्ति
रेस्क्यू फाउंडेशन के इन्वेस्टिगेशन इंचार्ज अक्षय पांडेय ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वेश्यालय संचालक (ब्रॉथल ओनर) खुद को लड़कियों की "बुआ" या "मौसी" बताकर रखती थीं। हकीकत में ये महिलाएं कोई रिश्तेदार नहीं, बल्कि लड़कियों को धमकाकर और डराकर उनसे जबरन वेश्यावृत्ति कराने वाली संचालक हैं। लड़कियां इस दलदल में पूरी तरह फंसी हुई थीं और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं देख पा रही थीं।
काउंसलिंग और पुनर्वास की तैयारी
सिटी एसपी ने बताया कि सभी 6 नाबालिग लड़कियों और 3 अन्य महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। फिलहाल लड़कियों की काउंसलिंग की जा रही है और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए गहन जांच कर रही है।
रिपोर्ट - मनिभूषण शर्मा