Bihar temple controversy: भोले बाबा अस्सलामु अलैकुम..मंदिर में आस्था का चीरहरण, विवादित वीडियो से लोगों में भयंकर नाराजगी,मचा बवाल

Bihar temple controversy: धार्मिक आस्था से जुड़े एक वायरल वीडियो ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। मंदिर प्रांगण में मां दुर्गा के स्वरूप से संबंधित कथित अमर्यादित वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी है।

Bihar temple controversy
धार्मिक सौहार्द पर सनसनीखेज प्रहार- फोटो : reporter

Bihar temple controversy: बिहार के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक शहर मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक साहू पोखर मंदिर प्रांगण में जो घटा, उसने इंसानियत और मजहब के तमाम पैमानों को तार-तार कर रख दिया है। यह सिर्फ एक 'गुनाह' नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत रची गई वह साजिश है जिसने सनातन धर्म की रूह को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया की दुनिया में शोहरत और व्यूज की गंदी भूख ने कुछ लोगों की जमीर को इस कदर नीलाम कर दिया कि उन्होंने मंदिर के पावन प्रांगण को अपने घटिया सनसनीखेज स्टंट का अखाड़ा बना डाला। वीडियो में गाना भोले बाबा अस्सलामु अलैकुम.. लोगों के आक्रोश का कारण बन रहा है।

आस्था का कत्ल और 'व्यूज' का नंगा नाच

साहू पोखर स्थित मंदिर प्रांगण, जहां मां दुर्गा के स्वरूप की महिमा का वास है, वहां की पवित्रता को रौंदते हुए एक अमर्यादित वीडियो शूट किया गया। इस वीडियो में मां दुर्गा के स्वरूप का जिस तरह से अनुचित उपयोग किया गया, उसने करोड़ों सनातनियों के सीने में अंगारे दहका दिए हैं। भोले बाबा  अस्सलामु अलैकुम का गाना कथित तौर पर यह महज एक मज़ाक नहीं, बल्कि गहरी साजिश और सुनियोजित अपराध है, जिसका मकसद महज़ कुछ लाइक्स, व्यूज और कमेंट्स बटोरना था। आज डिजिटल युग का यह नासूर समाज के उस कोढ़ को बेनकाब करता है, जहां शोहरत के भूखे लोग अपनी हर हद पार कर चुके हैं। वीडियो में गाना लगा है ....भोले बाबा अस्सलामु अलैकुम...

सोशल मीडिया पर सुलगता 'रौद्र रूप' और जनता का आक्रोश

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, वैसे ही जनता का 'गुबार' फूट पड़ा। हर तरफ सनसनी फैल गई और लोग गुस्से से उबल पड़े। लोगों की जुबान पर एक ही सवाल है आखिर कब तक चंद लाइक्स के लिए हमारी आस्था का यूं मज़ाक उड़ाया जाता रहेगा? इस घिनौने कृत्य के खिलाफ लोगों का 'आक्रोश' अब सड़कों से लेकर डिजिटल गलियारों तक सुना जा सकता है। हर कोई इन गुनहगारों के लिए ऐसी सजा मांग रहा है जो समाज के लिए एक कड़ा सबक बने।

सियासी गलियारों में हड़कंप और कानून का शिकंजा

इस संवेदनशील मामले ने अब राजनीतिक गलियारों में भी भूचाल ला दिया है। एनडीए गठबंधन के प्रमुख घटक दल हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के बिहार प्रदेश सचिव, मुकेश पाठक ने इस वायरल वीडियो पर कड़ा एतराज जताते हुए अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बिहार के माननीय मुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी, डीजीपी बिहार, जिला प्रशासन मुजफ्फरपुर और एसएसपी महोदय को सीधे तौर पर ललकारा है।

पाठक ने अपनी मांग में स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले इन असामाजिक तत्वों की तत्काल पहचान की जाए। कानून की धाराओं के तहत इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का चाबुक चलाया जाए। दोषियों की फौरी गिरफ्तारी सुनिश्चित कर मुजफ्फरपुर पुलिस अपनी सक्रियता का प्रमाण दे।

अब न्याय की तराजू पर पुलिस की बारी

कथित तौर पर यह पूरा वाकया सिर्फ एक वीडियो का वायरल होना नहीं है, बल्कि समाज के ताने-बाने पर एक गहरा आघात है। अब तमाम निगाहें मुजफ्फरपुर पुलिस और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कितनी तेजी से 'दोषियों' को सलाखों के पीछे धकेलते हैं। अगर ऐसे अपराधियों को जल्द नहीं दबोचा गया, तो यह आग और सुलग सकती है। देखना यह है कि कानून का डंडा इन शोहरत के भूखे दरिंदों पर कब और कितनी बेरहमी से बरसता है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा