संविधान की रौशनी में पत्रकारिता की कसौटी पर खरा उतरा न्यूज4नेशन, निष्पक्षता को लेकर पत्रकार को किया गया सम्मानित
सच की तलाश, सवालों की हिम्मत और सत्ता से हिसाब मांगना ही पत्रकारिता की असल पहचान है। ऐसे दौर में News4Nation ने वही दिखाने और बताने का बीड़ा उठाया, जो हक़ीक़त हो।
Bihar News: भारत का गणतंत्र आज 77 बरस का हो चला है। 26 जनवरी 1950 को जब संविधान लागू हुआ, तब इस मुल्क ने आज़ादी की जंग में दी गई क़ुर्बानियों को क़ानून की शक्ल देकर एक नए भारत की बुनियाद रखी। यह सिर्फ़ तारीख़ नहीं थी, बल्कि इंसाफ़, बराबरी और हक़ूक़ की तामीर का एलान था। उसी दस्तावेज़ ने तय किया कि सत्ता अवाम की अमानत होगी और हुकूमत जवाबदेह।
आज़ादी के बाद के दशकों में भारत ने कई मोर्चों पर तरक़्क़ी की। अदब और साहित्य ने ज़हन को रौशन किया, खेल के मैदानों ने तिरंगे को बुलंद किया, खेती ने पेट भरा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी ने भविष्य की राह खोली और आर्थिक-सैन्य ताक़त ने दुनिया में भारत की साख बनाई। भिन्न तहज़ीबों और ज़बानों को साथ लेकर यह देश आगे बढ़ा और दुनिया के मंच पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई।
लेकिन इस सफर में जब भ्रष्टाचार की परछाइयाँ लंबी होने लगीं, तब अवाम की निगाहें लोकतंत्र के चौथे स्तंभ-पत्रकारिता-पर टिक गईं। सच की तलाश, सवालों की हिम्मत और सत्ता से हिसाब मांगना ही पत्रकारिता की असल पहचान है। ऐसे दौर में News4Nation ने वही दिखाने और बताने का बीड़ा उठाया, जो हक़ीक़त हो। यह मंच जममानस की आवाज़ बनकर लोगों की उम्मीदों, सवालों और सरोकारों को पूरी शिद्दत से सामने रखता रहा।
हमें ताक़त तब मिलती है जब हमारी निष्पक्षता और बेबाकी को शासन-प्रशासन भी तस्लीम करता है। इसी सिलसिले में 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए मुरौल प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा News4Nation के पत्रकार को सम्मानित किया जाना, इस बात का सबूत है कि सच की राह कठिन सही, मगर बेअसर नहीं।
बहरहाल, News4Nation गणतंत्र की कंटीली झाड़ियों से सच की ख़बर निकालकर अवाम तक पहुँचाने का सिलसिला जारी रखेगा—बिना खौफ़, बिना लाग-लपेट, सिर्फ़ संविधान और जनता के हक़ में।