Bihar Police: सिंघम रिटर्न्स... सिकंदरपुर ओपी को मिला नया थानेदार, अब अपराधियों का काम तमाम या बोरी-बिस्तर होगा गोल!

Bihar Police: पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राकेश मोहन कुमार को सिकंदरपुर ओपी का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया है।

Rakesh Mohan Kumar Appointed New Sikandarpur OP Chief
सिंघम रिटर्न्स... - फोटो : reporter

Bihar Police: मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर ओपी  में पिछले कुछ दिनों से जारी सन्नाटे और 'सस्पेंस' पर आखिरकार रविवार की देर रात विराम लग गया। खाकी के इकबाल को धता बताने वाले और काम में लापरवाही बरतने वाले पूर्व थानेदार पर जब पुलिस कप्तान की गाज गिरी, तो महकमे में हड़कंप मच गया था। लेकिन अब जो खबर आ रही है, उसने इलाके के अपराधियों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। जांबाज पुलिस अफसर राकेश मोहन कुमार को सिकंदरपुर ओपी का नया थानाध्यक्ष सौंपा गया है।

अपराधियों के गॉडफादर अंडरग्राउंड, गुर्गों में खौफ

जैसे ही वरीय पुलिस अधीक्षककार्यालय से देर रात प्रेस विज्ञप्ति जारी हुई, वैसे ही अंडरवर्ल्ड और लोकल बदमाशों के व्हाट्सएप ग्रुप्स पर सन्नाटा पसर गया। क्राइम की दुनिया में राकेश मोहन कुमार का नाम किसी खौफ का दूसरा नाम से कम नहीं है। पुलिस के गलियारों में चर्चा है कि नए थानेदार का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड देखकर ही कप्तान ने उन्हें इस हॉट सीट पर बैठाया है। अपराधियों के बीच उनका खौफ पूर्व से ही ऐसा रहा है कि उनके आने भर की भनक से बड़े-बड़े शातिर और हिस्ट्रीशीटर अपना बोरिया-बिस्तर समेटने लगते हैं।

क्या होने वाली है बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक?

इलाके के लोग और पुलिस के जानकार इस नियुक्ति को महज एक रूटीन ट्रांसफर नहीं मान रहे हैं। इसे अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। क्राइम इनसाइडर की मानें तो कप्तान ने राकेश मोहन कुमार को खुली छूट देकर भेजा है। इनका मिजाज अपराधियों के प्रति शुरू से ही नो टॉलरेंस वाला रहा है। अब देखना यह है कि नए थानेदार की रडार पर सबसे पहले कौन सा गैंग आता है।

अब सफेदपोश आका भी नहीं बचा पाएंगे

राकेश मोहन कुमार की गिनती उन पुलिस अफसरों में होती है जो न तो किसी रसूखदार के दबाव में आते हैं और न ही अपराधियों को तवज्जो देते हैं। सिकंदरपुर ओपी क्षेत्र में पिछले कुछ समय से पैर पसार रहे जुआ, सट्टा और अवैध धंधे के सिंडिकेट पर अब सीधे बुलडोजर चलना तय माना जा रहा है। अपराधियों के लिए अब सिर्फ दो ही रास्ते बचे हैं या तो वे सलाखों के पीछे जाने को तैयार रहें या फिर जरायम की दुनिया से हमेशा के लिए तौबा कर लें।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा