Bihar News : बिहार की बेटियों पर 'बोली' लगाने का मामला पहुँचा कोर्ट, मुजफ्फरपुर में मंत्री पति पर केस दर्ज, इस दिन होगी सुनवाई
Bihar News : बेटियों की बोली लगाने का मामला अब कोर्ट पहुँच गया है. इस मामले को लेकर मूज़फ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है.....पढ़िए आगे
MUZAFFARPUR : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की बिहार की बेटियों पर की गई अमर्यादित टिप्पणी ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। बिहार के चर्चित अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने इस मामले को लेकर मुजफ्फरपुर कोर्ट में एक परिवाद दर्ज कराया है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने खुले मंच से बिहार की बेटियों की गरिमा को ठेस पहुँचाई है, जिससे पूरे प्रदेश में भारी आक्रोश और शोक की लहर है।
अधिवक्ता सुधीर ओझा ने कोर्ट को बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में गिरधारी लाल साहू कथित तौर पर यह कहते नजर आ रहे हैं कि "बिहार की लड़कियां मात्र 20,000 से 25,000 रुपये में शादी के लिए उपलब्ध हैं"। उनके इस बयान को बिहार की अस्मिता, मर्यादा और नारी शक्ति का घोर अपमान माना जा रहा है। परिवादी के अनुसार, इस आपत्तिजनक टिप्पणी से बिहार की हर बेटी खुद को आहत महसूस कर रही है।
मुजफ्फरपुर की अदालत ने इस परिवाद को स्वीकार कर लिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए 12 जनवरी को अगली सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है। कानूनी जानकारों का मानना है कि इस मामले में साहू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि उन पर मानहानि और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। कोर्ट की इस कार्रवाई से बिहार के सामाजिक और राजनीतिक संगठनों में एक नई उम्मीद जगी है।
इधर, कोर्ट में मामला पहुँचने से पहले ही बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। आयोग ने वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए गिरधारी लाल साहू को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। महिला आयोग ने इसे महिलाओं के सम्मान पर सीधा प्रहार बताया है और स्पष्ट किया है कि ऐसे अमर्यादित बयानों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि भाजपा नेता गिरधारी लाल साहू के इस बयान के बाद से ही बिहार की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। पक्ष-विपक्ष की ओर से लगातार उनकी गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। अब सबकी निगाहें 12 जनवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ कोर्ट यह तय करेगा कि इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
मणिभूषण की रिपोर्ट