Bihar News : घर की कुर्की जप्ती करने पहुंची पुलिस तो भागे भागे पहुंचा अपराधी, 13 साल बाद किया सरेंडर, डकैती कांड में थी पुलिस को तलाश

Bihar News : घर की कुर्की जप्ती करने पहुंची पुलिस तो भागे भा

MUZAFFARPUR : बिहार में अपराधियों के खिलाफ नीतीश सरकार और विशेषकर गृह मंत्री सम्राट चौधरी के कड़े रुख का असर धरातल पर दिखने लगा है। औराई थाना पुलिस ने जब फरार अपराधियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई शुरू की, तो गिरफ्तारी के डर से वर्षों से भाग रहे अपराधियों में हड़कंप मच गया। इसी कड़ी में, 2013 के एक चर्चित डकैती कांड का मुख्य आरोपी, जो 13 वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहा था, कुर्की के डर से भागते हुए थाने पहुँचा और आत्मसमर्पण कर दिया।

13 साल पुराना डकैती कांड और आरोपी का सरेंडर

औराई थाना प्रभारी राजा सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टीम जब डकैती कांड के आरोपी कुमुद राम के घर कुर्की करने पहुंची, तो आरोपी ने खुद को कानून के हवाले करना ही बेहतर समझा। मामला साल 2013 का है, जब बोचहा थाना क्षेत्र में एक बड़ी डकैती (कांड संख्या 70/2013) हुई थी। कुमुद राम तब से फरार चल रहा था। जैसे ही पुलिस दल-बल के साथ उसके दरवाजे पर कुर्की के लिए ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंची, आरोपी ने औराई थाने में पहुंचकर सरेंडर कर दिया।

कुर्की के डर से तीन आरोपियों ने टेके घुटने

पुलिस की इस कार्रवाई का असर केवल डकैती कांड तक सीमित नहीं रहा। औराई थाना प्रभारी ने क्षेत्र के अलग-अलग 9 कांडों में फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ एक साथ अभियान चलाया था। इसके परिणामस्वरूप, जसौली और नया गांव से उत्पाद मामले (शराबबंदी कानून) में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों ने भी पुलिस की दबिश और घर कुर्क होने के डर से थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।

सम्राट चौधरी का 'जीरो टॉलरेंस' निर्देश

यह कार्रवाई गृह मंत्री सम्राट चौधरी के उस निर्देश का परिणाम मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि अपराधी या तो अपराध छोड़ दें या जेल जाने को तैयार रहें। उन्होंने निर्देश दिया था कि यदि अपराधी गिरफ्तारी से बचते हैं, तो उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए घर की कुर्की की जाए। औराई में एक साथ तीन बड़े अपराधियों का सरेंडर पुलिस के इसी कड़े इकबाल का नतीजा है।

पुलिस की चेतावनी: फरार अपराधियों पर जारी रहेगी कार्रवाई

थाना प्रभारी राजा सिंह ने बताया कि क्षेत्र के अन्य फरार अपराधियों की सूची तैयार है। जो अपराधी कानून के साथ लुका-छिपी का खेल खेल रहे हैं, उनके पास अब केवल दो ही विकल्प हैं—या तो वे न्यायालय या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करें, अन्यथा उनके घर की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से औराई और आसपास के इलाकों के अपराधियों में भारी डर देखा जा रहा है।

मणिभूषण की रिपोर्ट