बरसात में नालंदा में सांपों का कहर, एक दिन में 5 लोग सर्पदंश के शिकार, सदर अस्पताल में मचा हड़कंप
Bihar News:बरसात के मौसम में नालंदा में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं।
Bihar News:बारिश के मौसम के साथ ही नालंदा जिले में सर्पदंश की घटनाओं में तेजी से इजाफा होने लगा है। खेतों में पानी भरने और रिहायशी इलाकों में सांपों के निकलने से ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। बुधवार को नालंदा समेत पड़ोसी जहानाबाद जिले से पांच लोग सांप काटने के बाद बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंचे। सभी मरीजों को भर्ती कर चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया गया, जहां उनकी स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
बरसात के दौरान सांप अपने सुरक्षित ठिकानों से बाहर निकलकर घरों, गलियों और खेतों की ओर पहुंच जाते हैं। कृषि कार्य बढ़ने के कारण ग्रामीण इलाकों में लोगों का सामना सांपों से अधिक हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने और सर्पदंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, जहानाबाद जिले के घोषी थाना क्षेत्र के महुआबीघा गांव निवासी मुन्ना कुमार को घर में सोने के दौरान सांप ने काट लिया। परिजन उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल लेकर गए, जहां से बेहतर इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल रेफर किया गया।वहीं, सिलाव प्रखंड के नागपुर गांव निवासी शिल्पी देवी को घर के पास खड़े रहने के दौरान सांप ने डस लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी प्रखंड के पचवारा गांव निवासी रंजीत कुमार खेत में काम करने के दौरान सर्पदंश का शिकार हो गए।
इसके अलावा नूरसराय थाना क्षेत्र के नोनियाबीघा गांव निवासी शनि कुमार (18 वर्ष) को घर के पास बाहर निकलने के दौरान सांप ने काट लिया। उन्हें भी परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। बिहारशरीफ शहर के पटेल नगर निवासी अनिमा कुमारीभी सर्पदंश की चपेट में आ गईं, जिनका सदर अस्पताल में इलाज जारी है।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, इसलिए मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है।उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप काटने के बाद झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। उन्होंने खेतों में काम करने के दौरान जूते पहनने, रात में सावधानी बरतने और घर के आसपास साफ-सफाई रखने की सलाह दी, ताकि सर्पदंश की घटनाओं को कम किया जा सके।
रिपोर्ट- राज पाण्डेय