इंटर परीक्षा में 2 मिनट की देरी पड़ी भारी, गेट बंद होने से परीक्षा से वंचित हुए छात्र; बोर्ड के कड़े नियम बने बाधा
Nawada - । बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा के आगाज के साथ ही नवादा के गांधी इंटर विद्यालय परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल होने आए दो छात्र निर्धारित समय से मात्र 120 सेकंड की देरी से पहुंचे, जिसके बाद केंद्र प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया।
ट्रैफिक और पंक्चर का तर्क नहीं आया काम
निराश छात्रों ने बताया कि वे पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देने आए थे, लेकिन रास्ते में अनियोजित परेशानियों (जैसे ट्रैफिक जाम या वाहन खराब होना) की वजह से उन्हें पहुंचने में थोड़ी देरी हो गई। छात्रों ने सरकार और बोर्ड के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी मानवीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कुछ मिनटों की रियायत मिलनी चाहिए थी। हालांकि, केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बोर्ड के आदेश के आगे वे मजबूर हैं।
1:30 बजे बंद हो जाता है 'डेडलाइन' गेट
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इस बार अनुशासन और निष्पक्षता को लेकर बेहद कड़े मानक तय किए हैं। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, दूसरी पाली के लिए रिपोर्टिंग का समय तय है और दोपहर 1:30 बजे मुख्य गेट को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं है, चाहे देरी का कारण ट्रैफिक जाम हो या कोई व्यक्तिगत आपात स्थिति।
दीवार फांदने पर FIR और 2 साल का बैन
बोर्ड ने न केवल प्रवेश के समय को लेकर सख्ती बरती है, बल्कि सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए हैं। यदि कोई छात्र जबरन प्रवेश करने की कोशिश करता है या दीवार फांदता है, तो उस पर न केवल एफआईआर (FIR) दर्ज की जा सकती है, बल्कि उसे अगले 2 साल तक परीक्षा देने से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है। नवादा के कुछ केंद्रों पर छात्रों ने दीवार फांदने की कोशिश की, जिस पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
नकल रोकने के लिए बोर्ड की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
नवादा सहित बिहार के कई जिलों में पहले दिन ऐसी घटनाएं सामने आईं जहाँ छात्र केंद्र के बाहर रोते-चिल्लाते देखे गए। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य परीक्षा में होने वाली चोरी और अनियमितताओं को पूरी तरह रोकना है। प्रशासन का मानना है कि समय की पाबंदी से परीक्षा की शुचिता बनी रहती है और सभी छात्रों को एक समान माहौल मिलता है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
परीक्षा के पहले दिन हुई इन घटनाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग और बोर्ड ने एक बार फिर छात्रों को सचेत किया है। परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अगले पेपर के लिए घर से कम से कम एक घंटा पहले निकलें। किसी भी अप्रत्याशित बाधा जैसे जाम या गाड़ी खराब होने से बचने के लिए समय से बहुत पहले केंद्र पर पहुंचना ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प है।
Report - aman sinha