पीयूष हत्याकांड के विरोध में हिसुआ में निकला कैंडल मार्च, दोषियों को फांसी देने और बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग
नवादा के हिसुआ में बीते 1 अगस्त को हुए पीयूष हत्याकांड के विरोध में स्थानीय लोगो ने कैंडिल मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हजारों लोगों ने ‘शहीद प्रणव अमर रहे’ और ‘दोषियों को फांसी दो’ के जोरदार नारे लगाए, जिससे पूरा शहर गूंज उठा....
Nawada : जिले के हिसुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत चंद्रवंशी मोहल्ले में 1 अगस्त को हुई गोलीबारी की घटना में मारे गए प्रणव कुमार उर्फ पीयूष की हत्या के विरोध में रविवार को जनाक्रोश फूट पड़ा। घटना के विरोध में स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने विशाल कैंडल मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हजारों लोगों ने ‘शहीद प्रणव अमर रहे’ और ‘दोषियों को फांसी दो’ के जोरदार नारे लगाए, जिससे पूरा शहर गूंज उठा।
दोषियों को फांसी देने और बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग
यह प्रदर्शन देखते ही देखते एक बड़े जन-आंदोलन और शक्ति प्रदर्शन में बदल गया। कैंडल मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन से मांग की कि मुख्य साजिशकर्ताओं और हत्यारों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। मार्च के दौरान घटना में गंभीर रूप से जख्मी हुए अखिलेश कुमार और चंदन कुमार के लिए भी न्याय की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जब तक सभी दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
कैंडल मार्च के आयोजन से ठीक पहले पूर्व राज्य मंत्री राजबल्लभ प्रसाद यादव ने मृतक प्रणव कुमार के परिजनों से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। घटना के बाद से क्षेत्र में लगातार हो रही राजनीतिक बयानबाजी और दिग्गज नेताओं की आवाजाही के कारण पुलिस प्रशासन की बेचैनी और चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं।
13 लोगों पर प्राथमिकी, मुख्य आरोपित नीरज उर्फ कारू डॉन का सरेंडर
मामले की कानूनी स्थिति की बात करें तो मृतक के पिता के आवेदन के आधार पर पुलिस ने 13 नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, जख्मी पक्ष की ओर से भी आठ लोगों पर मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस कार्रवाई के तहत अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि मामले का मुख्य आरोपित नीरज उर्फ कारू डॉन पुलिस की दबिश के बीच न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुका है।
पुलिस पर बढ़ा दबाव, न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
मामले में फरार चल रहे अन्य अभियुक्तों की अब तक गिरफ्तारी न होने से स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि पुलिस बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करे और शेष सभी नामजद आरोपितों को अविलंब गिरफ्तार करे। बढ़ते सार्वजनिक दबाव और संवेदनशील माहौल को देखते हुए पुलिस महकमा पूरी तरह चौकस है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त कर रही है।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट