सस्ते लोन का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार

नवादा पुलिस ने सस्ते लोन का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है....

सस्ते लोन का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफा
5 साइबर ठग गिरफ्तार- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले की वारिसलीगंज थाना क्षेत्र स्थित मीरचक चमर टोली में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर सस्ते लोन का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से आरोपियों के कब्जे से 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और कई फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मीरचक चमर टोली निवासी जोगिंदर दास, गौतम कुमार, टुनटुन रविदास, प्रकाश रविदास और धर्मेंद्र रविदास के रूप में हुई है।


फेसबुक और कस्टमर डेटा से नंबर निकालकर बनते थे 'बैंक मैनेजर'

मामले का खुलासा करते हुए एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी और थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह को दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बजाज फाइनेंस और रिलायंस फाइनेंस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर लोगों को ऑनलाइन सस्ता लोन दिलाने का लालच देते थे। कस्टमर डेटा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें कॉल किया जाता था।


प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ऐंठते थे पैसे, दस्तावेज मंगाकर करते थे ठगी 

ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए गिरोह के सदस्य खुद को बैंक मैनेजर या कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताते थे। पीड़ित को भरोसे में लेने के बाद उनसे पहचान पत्र, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और ईमेल आईडी मंगवाई जाती थी। दस्तावेज हासिल होते ही लोन स्वीकृति और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग मदों में पैसों की मांग कर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया जाता था।


एसपी के निर्देश पर सघन जांच, कई मामलों में कबूली संलिप्तता 

पुलिसिया पूछताछ के दौरान पांचों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल कर देश के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों लोगों से इसी तरीके से लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। एसपी अभिनव धीमान के सख्त निर्देश पर वारिसलीगंज क्षेत्र में फैले इस साइबर क्राइम नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और गिरोह के अन्य सहयोगियों का पता लगाने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।


पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने और दस्तावेज साझा न करने की अपील की 

वारिसलीगंज पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों और बरामद मोबाइलों के कॉल डिटेल्स (CDR) की गहन जांच कर रही है ताकि ठगी की गई कुल राशि का सटीक आकलन किया जा सके। इस बीच, जिला पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे फोन पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने निजी दस्तावेज या वित्तीय जानकारी साझा न करें और सस्ते लोन के लुभावने विज्ञापनों से सतर्क रहें।

अमन सिन्हा की रिपोर्ट