डीएम रवि प्रकाश ने वारिसलीगंज CHC का किया औचक निरीक्षण, दिए यह सख्त निर्देश
नवादा के वारिसलीगंज अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब डीएम साहब बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। अस्पताल की बदहाली को दुरुस्त करने के लिए डीएम ने डॉक्टरों को अल्टीमेटम दिया है और मरीजों से खुद फीडबैक लिया...
Nawada : जिलाधिकारी रवि प्रकाश बुधवार, 3 जून को पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम के तहत उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), वारिसलीगंज का औचक निरीक्षण कर मोर्चा खुद संभाला। अस्पताल की चरमराती व्यवस्था को दुरुस्त करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीएम ने पूरे अस्पताल परिसर का सघन भ्रमण किया। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मियों पर ठोस दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ओपीडी पंजीकरण और मरीजों की जांच का लिया गहन जायजा
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी सबसे पहले ओपीडी (OPD) कक्ष पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं को देखा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने डीएम को अवगत कराया कि निरीक्षण के समय तक कुल 250 मरीजों का ओपीडी पंजीकरण किया जा चुका था, जिनमें से लगभग 240 मरीजों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच पूरी हो चुकी थी। डीएम रवि प्रकाश ने वहां तैनात चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को सख्त निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले हर मरीज को गुणवत्तापूर्ण, सम्मानजनक और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
खुद मरीजों के पास पहुंचे डीएम, इलाज का जाना हाल
अस्पताल की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिला पदाधिकारी ने वार्डों में उपचाररत और ओपीडी में आए मरीजों से खुद बातचीत की। इसी क्रम में उन्होंने मुड़ला चक गांव से इलाज कराने आईं मरीज सुलेखा देवी से उनके स्वास्थ्य और अस्पताल से मिल रही सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। मरीज की स्थिति को देखते हुए डीएम ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) को निर्देश दिया कि उन्हें विशेष निगरानी में रखकर बेहतर से बेहतर उपचार मुहैया कराया जाए।
औषधि भंडारण कक्ष की जांच और जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता पर निर्देश
अस्पताल के भीतर विभिन्न वार्डों, जांच व्यवस्था और दवा वितरण काउंटर का निरीक्षण करने के बाद डीएम रवि प्रकाश सीधे औषधि भंडारण कक्ष (ड्रग स्टोर) पहुंचे। उन्होंने वहां दवाओं के रख-रखाव की स्थिति और स्टॉक रजिस्टर की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य प्रबंधन को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि अस्पताल में आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। मरीजों को बाहर से दवा न खरीदनी पड़े, इसके लिए पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश
डीएम ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, मरीजों के पीने के लिए शुद्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं का नियमित अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) किया जाए ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस औचक निरीक्षण के दौरान नवादा सदर के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अमित अनुराग, गोपनीय शाखा प्रभारी राजीव कुमार और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित जिले के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट