सावधान किसान! बिना 'फार्मर आईडी' रुक सकती है पीएम-किसान की अगली किस्त; 6 से 9 जनवरी तक चलेगा विशेष महाअभियान

बिहार के किसानों के लिए 6-9 जनवरी तक फार्मर रजिस्ट्री का विशेष अभियान। पीएम-किसान की अगली किस्त के लिए फार्मर आईडी जरूरी। कृषि मंत्री की सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

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Patna - बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने घोषणा की है कि राज्य में कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए 'एग्री स्टैक' परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक किसान की एक विशिष्ट 'फार्मर आईडी' तैयार करना है, जिसमें उनके भूमि विवरण को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी बाधा के पात्र किसानों तक पहुँच सकेगा।

पीएम-किसान लाभार्थियों के लिए 'फार्मर आईडी' अनिवार्य

मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) की आगामी किस्तों के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया है। बिहार में 75 लाख से अधिक सक्रिय लाभार्थी हैं। इन सभी किसानों को आगामी किस्त का लाभ सुनिश्चित करने के लिए विशेष कैंपों में भाग लेना होगा। इसके लिए उन्हें फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल या ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक अथवा 'फेस ऑथेंटिकेशन' द्वारा सत्यापन कराकर अपना भूमि संबंधी दावा दर्ज करना होगा।

राजस्व और कृषि विभाग का संयुक्त प्रयास

फार्मर आईडी निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए कृषि और राजस्व विभाग मिलकर काम कर रहे हैं:

  • ई-केवाईसी: कृषि विभाग के कर्मी किसानों का ई-केवाईसी (e-KYC) कर रहे हैं।
  • बकेट सत्यापन: राजस्व विभाग के कर्मचारी भूमि संबंधी डेटा (जमाबंदी) का सत्यापन कर रहे हैं।
  • अब तक की प्रगति: वर्तमान में 30 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है और 5.85 लाख से अधिक फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी हैं।


से 9 जनवरी तक विशेष अभियान

कृषि मंत्री ने राज्य के तमाम किसानों से अपील की है कि वे 6, 7, 8 और 9 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले विशेष अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें। समय पर फार्मर आईडी नहीं बनवाने की स्थिति में किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं।

रिपोर्ट -- वंदना शर्मा