नवादा में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने मनरेगा के डाटा ऑपरेटर को रौंदा, इलाज के दौरान मौत

Bihar Road Accident : नवादा में रफ्तार ने आज फिर एक युवक की जान ले ली। तेज रफ्तार ट्रक ने मनरेगा डाटा ऑपरेटर को रौंद डाला। घायल युवक को स्थानीय लोगो ने अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई...

नवादा में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने मनरेगा के डाटा
सड़क दुर्घटना में मनरेगा डाटा ऑपरेटर की मौत- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। नगर थाना क्षेत्र के सोभिया मंदिर के समीप एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार मनरेगा डाटा ऑपरेटर को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।


कार्यालय जाने के दौरान हुआ हादसा

मृतक की पहचान रोह प्रखंड के जैला गांव निवासी विजय दास यादव के 26 वर्षीय पुत्र पप्पू कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि पप्पू कुमार हिसुआ स्थित मनरेगा कार्यालय में डाटा ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। हर दिन की तरह सोमवार को भी वह अपने घर से बाइक पर सवार होकर हिसुआ स्थित कार्यालय में ड्यूटी के लिए निकला था। इसी दौरान सोभिया मंदिर के पास विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे बेरहमी से कुचल दिया।


पुलिस ने ट्रक किया जब्तएक हिरासत में

घटना की भयावहता को देखते हुए आस-पास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना को अंजाम देने वाले ट्रक को जब्त कर लिया है और मौके से एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जब्त ट्रक को पुलिस अपने साथ थाने ले आई है ताकि आगे की विधिक कार्रवाई की जा सके।


शव का कराया जा रहा है पोस्टमार्टम

हादसे के बाद पुलिस ने मृतक पप्पू कुमार के शव को अपने कब्जे में ले लिया और कागजी प्रक्रिया पूरी की। थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सब-इंस्पेक्टर (SI) सोनू कुमार को शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराने का सख्त निर्देश दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी है, जिसके बाद अस्पताल पहुंचे रोते-बिलखते परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


पूरे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

26 वर्षीय पप्पू कुमार अपने घर का सबसे बड़ा बेटा था। मनरेगा कार्यालय में नौकरी मिलने के बाद पूरे घर के भरण-पोषण और आर्थिक जरूरतों की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। वह अपने पीछे तीन छोटे बच्चों और पत्नी समेत भरे-पूरे परिवार को बेसहारा छोड़ गया है। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य की इस तरह अचानक हुई मौत से जैला गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में इस दुर्घटना को लेकर गहरा शोक है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट