नवादा पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 8 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 13 मोबाइल और भारी मात्रा में कस्टमर डेटा बरामद

नवादा जिले में सक्रिय साइबर अपराधियों के सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस सिंडिकेट के 8 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। वहीं इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्री बरामद किया है.....

नवादा पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 8 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 13 म
8 साइबर अपराधी गिरफ्तार- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले में सक्रिय साइबर अपराधियों के सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। नवादा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव धीमान के कुशल नेतृत्व में गठित एक विशेष पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 8 शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ दबोच लिया है। पुलिस ने इन जालसाजों के पास से अपराध में इस्तेमाल होने वाले 13 मोबाइल फोन और ठगी के लिए रखे गए ग्राहकों के गोपनीय डेटा के कई पन्ने बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद से जिले के साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।


बगीचे और समरसेबल के पास चल रहा था ठगी का रैकेट, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुजय विद्यार्थी की देखरेख और पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के झऔर पक्की सड़क से करीब 100 मीटर पश्चिम दिशा में स्थित एक बगीचे में और पैगरी स्थित सरकारी समरसेबल के पास बने 'गोलका आम' के पेड़ के नीचे बैठकर ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं। पुलिस टीम ने पूरी तैयारी के साथ इन दोनों अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और घेराबंदी कर अपराधियों को दबोच लिया।


लोन दिलाने के नाम पर देश भर के भोले-भले लोगों को बनाते थे शिकार

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने इन अपराधियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो इनके काले कारनामों का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पूछताछ में अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस सहित विभिन्न नामी वित्तीय कंपनियों के फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को आसानी से लोन दिलाने का झांसा देते थे। इनके पास से जो 5 पन्नों का कस्टमर डेटा बरामद हुआ है, उसमें देश के विभिन्न हिस्सों के ग्राहकों के नाम, उनके मोबाइल नंबर और पते जैसी बेहद गोपनीय जानकारियां दर्ज थीं। इसी डेटा का इस्तेमाल करके वे भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और प्रोसेसिंग फीस व सिक्योरिटी मनी के नाम पर मोटी रकम ठग लेते थे।


तीन नाबालिगों सहित आठ आरोपी निरुद्ध, वारिसलीगंज थाने में FIR दर्ज

पुलिस ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या-496/26 दर्ज कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार किए गए बालिग आरोपियों की पहचान प्रेमम कुमार, विनोद मांझी, विश्वकर्मा मांझी, प्रेमचंद राम और प्रशांत कुमार के रूप में की गई है। इसके साथ ही, इस गिरोह में शामिल तीन विधि विरुद्ध बालकों (नाबालिगों) को भी पुलिस ने निरुद्ध किया है, जिन्हें बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। अपराधियों के पास से कुल 13 एंड्रॉयड स्मार्टफोन, 1 कीपैड मोबाइल और 5 पन्नों का कस्टमर डेटा जब्त कर केस प्रॉपर्टी बनाया गया है।


जालसाजों के बैंक खातों और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस

नवादा पुलिस अब इन अपराधियों के पास से मिले मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। इसके साथ ही, पुलिस इन जालसाजों के बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और अब तक इनके द्वारा की गई कुल ठगी की राशि का ब्योरा जुटाने में लगी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े हो सकते हैं, इसलिए मामले की बेहद गहराई से तफ्तीश की जा रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य मददगारों को भी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट