मांझी समाज ने पुलिस-प्रशासन पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप, निकाला आक्रोश मार्च
नवादा जिले में मांझी समाज के लोगों पर कथित शोषण और अत्याचार के विरोध में सोमवार को व्यापक आक्रोश मार्च निकाला गया और एक दिवसीय धरना दिया गया। जागृति मंच के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया...
Nawada : जिले में मांझी समाज के लोगों पर कथित शोषण और अत्याचार के विरोध में सोमवार को व्यापक आक्रोश मार्च निकाला गया और एक दिवसीय धरना दिया गया। जागृति मंच के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। नवादा की प्रमुख सड़कों पर मार्च निकालकर लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की।
नगर थाना के समीप दिया धरना
आक्रोश मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए नगर थाना के समीप पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
गंभीर अपराधों में गिरफ्तारी न होने पर रोष
धरने को संबोधित करते हुए जागृति मंच के संचालक कपिल देव मांझी ने आरोप लगाया कि जिले में दलित समाज के लोगों के साथ लगातार अत्याचार की घटनाएं घट रही हैं। उन्होंने कहा कि हत्या और दुष्कर्म जैसे संगीन मामलों में भी पुलिस द्वारा आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है, जिससे पीड़ित परिवारों में काफी आक्रोश है।
एससी-एसटी थाना पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप
कपिल देव मांझी ने एससी-एसटी थाना की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की गुहार लेकर जब पीड़ित परिवार एससी-एसटी थाना पहुंचते हैं, तो वहां उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया जाता है। उन्होंने मांग की कि दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
शीघ्र न्याय और कड़ी कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द ही मामलों में ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों को त्वरित न्याय दिलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस अवसर पर अशोक मांझी सहित समाज के कई प्रमुख लोग और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट