नवादा में डिजिटल हेल्थ एवं नर्सिंग प्रैक्टिस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी : मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने नर्सिंग सेवा को बताया मां के समान, सैकड़ों छात्रों को मिले प्रमाण-पत्र

नवादा में डिजिटल हेल्थ एवं नर्सिंग प्रैक्टिस पर राष्ट्रीय सं
नवादा में डिजिटल हेल्थ एवं नर्सिंग प्रैक्टिस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले के मॉडर्न शैक्षणिक समूह के संयुक्त तत्वावधान में एक बड़ा और भव्य आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित गुरोबिंदा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, त्रिवेणी कॉलेज ऑफ नर्सिंग तथा नवादा कॉलेज ऑफ नर्सिंग के सभागार में "डिजिटल हेल्थ एवं नर्सिंग प्रैक्टिस" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सह प्रमाण-पत्र वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विभिन्न नर्सिंग पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उत्तीर्ण सैकड़ों छात्र-छात्राओं (प्रशिक्षुओं) को मुख्य अतिथियों के हाथों प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि बिहार सरकार के लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री सह नवादा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन और अन्य गणमान्य पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।


सफलता के लिए निरंतर परिश्रम और संघर्ष जरूरी: डॉ. संतोष कुमार सुमन

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के मूलमंत्र दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता; अगर छात्र अपने जीवन में वास्तविक सफलता और मुकाम पाना चाहते हैं, तो उन्हें निरंतर परिश्रम, कड़ा संघर्ष और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होना होगा। मंत्री के प्रेरणादायक शब्दों ने सभागार में मौजूद सैकड़ों भावी नर्सों और चिकित्सा कर्मियों में एक नया जोश भर दिया।


कोरोना काल को याद कर बोले मंत्री- 'नर्स का दूसरा स्वरूप मां के समान'

नर्सिंग पेशे की महत्ता और उसकी संवेदनशीलता पर विशेष प्रकाश डालते हुए मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बेहद भावुक बात कही। उन्होंने कहा, "नर्स का दूसरा स्वरूप साक्षात मां के समान होता है, जो निस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा करती हैं।" उन्होंने वैश्विक महामारी कोरोना काल के उस खौफनाक दौर को याद करते हुए कहा कि जब लोग संक्रमण के डर से अपने सगे परिजनों से भी दूर भाग रहे थे, तब इन नर्सों ने अपनी जान की परवाह किए बिना अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) पर रहकर समर्पण, अटूट सेवा और अभूतपूर्व त्याग का परिचय दिया। उन्होंने नर्सों को सेवा की सच्ची प्रतिमूर्ति बताते हुए चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनकी भूमिका को रीढ़ की हड्डी के समान अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।


गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा और अनुशासन पर संस्थान ने दिया जोर

इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव डॉ. शैलेश कुमार ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने अपने संबोधन में संस्थान की ओर से नर्सिंग शिक्षा को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारपरक बनाने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने वहां मौजूद सभी नर्सिंग विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र की मर्यादा समझाते हुए जीवन भर कड़े अनुशासन, सेवा-भाव और अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहने का मूल संदेश दिया।


अतिथियों का जताया गया आभार, सफल संचालन से गूंजा सभागार

संगोष्ठी के समापन सत्र में मॉडर्न शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह ने मंच से कार्यक्रम में पधारे सभी मुख्य अतिथियों, वरिष्ठ शिक्षकों, कर्मचारियों एवं राज्य भर से आए प्रतिभागियों का हृदय से आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया। पूरे भव्य कार्यक्रम का सफल और शानदार मंच संचालन डॉ. मनीराम द्वारा किया गया, जबकि संस्थान की मेधावी छात्रा प्रीति कुमारी एवं शिवानी कुमारी ने भी इस महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार साझा किए। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी को सफल बनाने में तीनों अग्रणी नर्सिंग कॉलेजों की प्रबंधन टीम, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई।

अमन सिन्हा की रिपोर्ट