Bihar News : नवादा में कुदरत का कहर, आकाशीय बिजली ने छीनी तीन जिंदगियां, खेतों में काम करने के दौरान हुई मौतें

Bihar News : नवादा जिले के अलग-अलग प्रखंडों में वज्रपात की चपेट में आने से दो पुरुषों और एक महिला सहित कुल तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस प्राकृतिक आपदा के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है....पढ़िए आगे

Bihar News : नवादा में कुदरत का कहर, आकाशीय बिजली ने छीनी ती
आकाशीय बिजली का कहर - फोटो : AMAN

NAWADA : मंगलवार शाम का वो वक्त जब आसमान में घिरे काले बादलों के साथ तेज आंधी और बारिश शुरू हुई, उसी दौरान बिजली का कहर टूट पड़ा। आकाशीय बिजली ने एक ही दिन तीन बेगुनाहों की जिंदगी छीन ली। दो पुरुष और एक महिला — तीनों खेतों में अपने परिवार की रोजी-रोटी की चिंता में निकले थे, लेकिन घर लौटे सिर्फ लाश बनकर। पूरे नवादा जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवारों के रोने-चिल्लाने की आवाजें अभी भी गूंज रही हैं।

अकबरपुर प्रखंड के शकरपुर गांव में पहला हादसा

शकरपुर गांव के रहने वाले नरेश सिंह खेत की फसल देखने गए थे। बारिश रुकने का इंतजार कर रहे थे कि अचानक तेज बिजली कड़की और सीधे नरेश सिंह पर गिर पड़ी। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। घर पर जब लाश पहुंची तो पत्नी और बच्चे फूट-फूटकर रो पड़े। “पापा खेत से लौटेंगे, खाना बनाया है,” कहकर इंतजार कर रहे छोटे बच्चे अब पिता की लाश देखकर सन्न रह गए। पड़ोसी बताते हैं कि नरेश परिवार की एकमात्र कमाने वाले थे। अब पूरे परिवार पर भुखमरी का साया मंडरा रहा है।

नया गांव में दूसरे बुजुर्ग की जिंदगी छीन ली

इसी दौरान नया गांव में एक बुजुर्ग छोटे रविदास खेत की ओर जा रहे थे। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे परिवार की जिम्मेदारी निभा रहे थे। बिजली की एक ही चपेट में उनकी भी जान चली गई। पूरे गांव में मातम छा गया। रविदास जी की पोतियां और बेटे अब दादी-दादा के बिना कैसे जिएंगे, इस सवाल ने हर किसी को रुला दिया।

नरहर प्रखंड में महिला की बेहद दर्दनाक मौत

नरहर प्रखंड क्षेत्र में तीसरी घटना और भी ज्यादा दिल दहला देने वाली रही। एक महिला खेत में काम कर रही थीं। आंधी के साथ बिजली गिरी और उनके शरीर को झुलसाकर चला गया। परिवार वाले जब उन्हें देखने पहुंचे तो उनकी हालत देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। पति और बच्चे रो-रोकर बुरा हाल हैं। मां के बिना घर कैसे चलेगा,” बच्चे बार-बार यही पुकार रहे हैं।

परिवारों का बुरा हाल, प्रशासन पर सवाल

तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन परिवारों को इस घाटे का क्या मुआवजा मिलेगा, यह अभी सवाल बना हुआ है। बिहार में मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, फिर भी जागरूकता और सुरक्षात्मक उपाय नाकाफी नजर आ रहे हैं।ये हादसे सिर्फ तीन मौत नहीं, बल्कि तीन-तीन परिवारों के टूटने की कहानी हैं। जहां कल तक हंसी-खुशी थी, आज सिर्फ सन्नाटा और आंसू बाकी हैं।

अमन सिन्हा की रिपोर्ट