नवादा को जाम से मिलेगी परमानेंट मुक्ति: ROB निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू, प्रोजेक्ट के बीच आने वाली जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक
वारिसलीगंज और नवादा रेलवे स्टेशनों के बीच लेवल क्रॉसिंग संख्या 33/B1 पर रेल ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण की बाधाएं अब दूर होने लगी हैं। जिला प्रशासन ने इस परियोजना के लिए आवश्यक 1.50116 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है।
Nawada - नवादा जिले में यातायात को सुगम बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। वारिसलीगंज और नवादा रेलवे स्टेशनों के बीच लेवल क्रॉसिंग संख्या 33/B1 पर प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज (ROB) के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के लिए कुल 1.50116 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना तय हुआ है, जिससे भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद है।
अधिग्रहण प्रक्रिया और कानूनी अधिसूचना
भूमि अधिग्रहण की इस प्रक्रिया के तहत सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (SIA) और विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट प्राप्त कर ली गई है। इसके आधार पर नवादा समाहर्त्ता द्वारा RFCTLARR अधिनियम की धारा 11(1) के तहत नवादा अंचल के मौजा मिर्जापुर स्थित भूखंडों के लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना के जारी होने के साथ ही जमीन के हस्तांतरण और उपयोग को लेकर कड़े नियम लागू हो गए हैं।
भूमि हस्तांतरण पर रोक और नियमों का पालन
अधिनियम की धारा 11(4) के अनुसार, प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन के बाद निर्दिष्ट भूमि का कोई भी क्रय-विक्रय या हस्तांतरण जिला समाहर्त्ता की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार का नया भार या कानूनी उलझन उत्पन्न करने पर भी रोक लगा दी गई है। यह कदम परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
आपत्ति दर्ज कराने हेतु साठ दिनों की मोहलत
बिहार भूमि अर्जन नियमावली 2014 के प्रावधानों के तहत, अधिसूचना प्रकाशन की तिथि से साठ (60) दिनों के भीतर कोई भी हितबद्ध व्यक्ति अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। यह आपत्तियां जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, नवादा के समक्ष पेश की जानी चाहिए। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में प्रभावित पक्षों की उचित सुनवाई हो सके और पारदर्शिता बनी रहे।
क्षेत्रीय विकास और जाम से मिलेगी मुक्ति
इस रेल ओवर ब्रिज के निर्माण से नवादा के निवासियों को लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि यात्रा के समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक आम जनता की पहुंच अधिक आसान और तेज हो जाएगी, जिससे जिले के समग्र विकास को गति मिलेगी
रिपोर्ट - अमन सिन्हा