नवादा के लाल दिव्यांशु रॉय का इंडोनेशिया में इंटरनेशनल मंच पर कमाल, IRPrO के लिए भारत में प्रथम स्थान पर हुआ चयन

दिव्यांशु रॉय ने बताया कि इस प्रतियोगिता में हर वर्ष प्रत्येक देश से केवल पांच सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन किया जाता है। भारत से चयनित प्रतिभागियों में उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है,

Nawada
Nawada- फोटो : news4nation

Bihar News :  नवादा जिले के गोनवां गांव के रहने वाले रमेश यादव उर्फ रामू यादव के पुत्र दिव्यांशु रॉय ने अपनी प्रतिभा के दम पर जिले और राज्य का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनका चयन प्रतिष्ठित इंटरनेशनल रिसर्च प्रोजेक्ट ओलंपियाड (IRPrO) के लिए हुआ है। इस प्रतियोगिता का आयोजन इंडोनेशिया द्वारा किया जाता है, जिसमें दुनिया के विभिन्न देशों के चुनिंदा प्रतिभागी अपने शोध और नवाचार से जुड़े प्रोजेक्ट प्रस्तुत करते हैं।


दिव्यांशु रॉय ने बताया कि इस प्रतियोगिता में हर वर्ष प्रत्येक देश से केवल पांच सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन किया जाता है। भारत से चयनित प्रतिभागियों में उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जो नवादा और बिहार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम किसानों की समस्याओं के समाधान और खेती को सुरक्षित एवं बेहतर बनाने से जुड़े एक विशेष रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इसी प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।


दिव्यांशु ने बताया कि चयन प्रक्रिया के तहत पहले ऑनलाइन आवेदन किया गया, जिसके बाद उनका ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। इंटरव्यू में सफल होने के बाद उनका चयन किया गया। अब वे 22 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया जाएंगे, जहां विभिन्न देशों के प्रतिभागियों के बीच अपने प्रोजेक्ट की जानकारी साझा करेंगे।


साधारण व्यवसायी परिवार से आने वाले दिव्यांशु के पिता रमेश यादव व्यवसायी हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से यह उपलब्धि हासिल की है.


दिव्यांशु की इस सफलता से परिवार, गांव और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है। वहीं जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अमन की रिपोर्ट