Bihar Teacher News: नवादा की सड़क पर रफ्तार का कहर, बालू लदे ट्रैक्टर ने बुझाया बीपीएस शिक्षक के जीवन की ज्योति , दूसरे शिक्षक लड़ रहे हैं जिंदगी-मौत की जंग

Bihar Teacher News: अवैध बालू ढो रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने एक बीपीएससी शिक्षक की जिंदगी छीन ली, जबकि उनका साथी शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया।...

Nawada Speeding Tractor Kills BPS Teacher Another Battles fo
ट्रैक्टर ने बुझाया बीपीएस शिक्षक के जीवन की ज्योति- फोटो : reporter

Bihar Teacher News: बिहार के नवादा जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशहाल परिवार की खुशियां छीन लीं। अवैध बालू ढो रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने एक बीपीएससी शिक्षक की जिंदगी छीन ली, जबकि उनका साथी शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा इतना भयावह था कि घटनास्थल पर ही शिक्षक की मौत हो गई और इलाके में मातम पसर गया।

मृतक की पहचान 25 वर्षीय कुंदन प्रभात के रूप में हुई है, जो वारसलीगंज प्रखंड के भैरो बेलदरिया गांव निवासी रामनंदन चौहान के पुत्र थे। कुंदन हाल ही में बीपीएससी शिक्षक के रूप में चयनित हुए थे और मेसकौर प्रखंड के परोरिया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पढ़ाने जा रहे थे। यह उनकी पहली सरकारी नौकरी थी, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन किसे पता था कि काले बालू और बेलगाम रफ्तार उनकी जिंदगी का अंत बन जाएगी।

बताया जा रहा है कि चातर मोड़ के पास पीछे से आ रहे बालू लदे ट्रैक्टर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुंदन प्रभात ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बाइक चला रहे उनके साथी शिक्षक आलोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। आलोक कुमार नवादा नगर थाना क्षेत्र के गढ़पर मोहल्ला के रहने वाले हैं और फिलहाल उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।

कुंदन प्रभात की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। छह महीने पहले ही कुंदन की शादी हुई थी। वह परिवार के सबसे बड़े बेटे थे और उनसे घर की सारी उम्मीदें जुड़ी थीं। मां-बाप के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, वहीं पत्नी की हालत बदहवास बताई जा रही है।

इधर सूचना मिलते ही वारसलीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल नवादा भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर अवैध बालू ढो रहे ट्रैक्टर खुलेआम सड़कों पर कैसे मौत बनकर दौड़ रहे हैं। एक होनहार शिक्षक की जान लेकर फिर सिस्टम की लापरवाही कटघरे में खड़ी हो गई है।

रिपोर्ट- अमन कुमार