पटना NEET छात्रा कांड: डॉ. प्रभात मेमोरियल अस्पताल के डॉक्टर से SIT की घंटों पूछताछ, मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में SIT ने जांच की गति बढ़ा दी है। राजेंद्र नगर स्थित डॉ. प्रभात मेमोरियल अस्पताल के डॉ. सतीश से घंटों पूछताछ की गई, जहाँ छात्रा का इलाज चला था।

पटना NEET छात्रा कांड: डॉ. प्रभात मेमोरियल अस्पताल के डॉक्टर

Patna -   पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में आज राजेंद्र नगर स्थित डॉ. प्रभात मेमोरियल अस्पताल के डॉ. सतीश से टीम ने घंटों लंबी पूछताछ की। गौरतलब है कि घटना के बाद छात्रा को इसी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। पूछताछ खत्म होने के बाद डॉ. सतीश अस्पताल से बाहर निकले, हालांकि उन्होंने मीडिया से इस बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की।

अस्पताल के रिकॉर्ड्स और बयानों का मिलान 

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जब छात्रा को अस्पताल लाया गया था, तब उसकी शारीरिक स्थिति कैसी थी और प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने क्या पाया था। एसआईटी अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड्स, सीसीटीव फुटेज और उस दौरान तैनात स्टाफ के बयानों का मिलान कर रही है। डॉक्टर से हुई यह पूछताछ इस केस में महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है, क्योंकि छात्रा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसके वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।

शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में पुलिसिया दबिश 

दूसरी ओर, शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में पुलिस की जांच लगातार जारी है। पुलिस हॉस्टल प्रबंधन और वहां रहने वाली अन्य छात्राओं से भी नए सिरे से सवाल-जवाब कर रही है। इस मामले में हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और संचालक की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस अब उस दिन के पूरे घटनाक्रम की 'टाइमलाइन' तैयार कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि छात्रा के साथ हॉस्टल के भीतर क्या हुआ था और उसे अस्पताल ले जाने में कितनी देरी हुई।

बढ़ता जनाक्रोश और न्याय की मांग 

इस मामले को लेकर बिहार के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी ठाकुर सहित कई नेताओं ने इस घटना की घोर निंदा की है और मुख्यमंत्री से दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सजा दिलाने की अपील की है। 11 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी ठोस नतीजे पर न पहुंच पाने के कारण पुलिस और प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। परिजनों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

अगली कार्रवाई और पुलिस का दावा 

एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर से हुई पूछताछ में कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर इस पूरी घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पटना के गर्ल्स हॉस्टलों की सुरक्षा और छात्राओं की सेफ्टी पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

Report - anil kumar