नवादा में बालू माफिया का कहर: अवैध बालू लदे ट्रैक्टर ने तोड़ा बिजली का खंभा, करंट की चपेट में आए 3 ग्रामीण और 2 गायें
नवादा जिले में बालू माफियाओं की बेखौफ रफ्तार ने एक बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। यहां अवैध बालू से लदे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने बिजली के खंभे को तोड़ दिया, जिससे 11 हजार वोल्ट का हाई-टेंशन तार नीचे गिर गया। जिसकी चपेट में आने से 3 ग्रामीण और 2 गाय घायल
Nawada : जिले के कादिरगंज थाना क्षेत्र के नथनपुरा गांव में बालू माफियाओं की घोर लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। गांव के बीच से गुजर रहे एक तेज रफ्तार, बालू लदे ट्रैक्टर ने अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि खंभा टूट गया और उसके ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की तार टूटकर सीधे नीचे आ गिरी।
ग्रामीण और मवेशी हुए हादसे का शिकार
तार गिरने से कड़कड़ाते करंट की चपेट में आकर कपिल मांझी समेत तीन ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए। इस हादसे की भयावहता यहीं नहीं रुकी; मौके पर मौजूद दो गायें भी इस करंट की चपेट में आ गईं, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद चालक ट्रैक्टर को वहीं खड़ा करके मौके से फरार हो गया, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने खदेड़ा पुलिस को
हादसे की सूचना मिलते ही कादिरगंज थाना पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। उग्र ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध जताते हुए पुलिस बल को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर सड़क पर उतरकर बालू लदे कई ट्रैक्टरों को रोक लिया और उन्हें बंधक बना लिया।
प्रशासन और बालू माफिया की साठगांठ का आरोप
स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि जिला प्रशासन और खनन विभाग की मिलीभगत से क्षेत्र में अवैध बालू का कारोबार फल-फूल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जिले में बालू खनन पर आधिकारिक रोक के बावजूद प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर और टिप्पर जमुआवां-पटवा सराय से अवैध बालू उठाकर नथनपुरा गांव के पास रेलवे लाइन के पास डंप करते हैं। पुलिस को बार-बार सूचना देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।
आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
इस घटना ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। उनका कहना है कि घनी आबादी वाले गांव के बीच से भारी वाहनों के गुजरने से न केवल बुनियादी ढांचा ध्वस्त हो रहा है, बल्कि बच्चों, महिलाओं और मवेशियों की जान पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अवैध बालू परिवहन को तुरंत नहीं रोका गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट