निगरानी की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल: रिश्वतकांड में फंसे राजस्व कर्मचारी की पत्नी ने लगाया जबरन फंसाने का आरोप, CCTV जांच की मांग

नवादा जिले में विजिलेंस की एक बड़ी कार्रवाई उस वक्त विवादों के घेरे में आ गई है। सदर अस्पताल के बाहर से 15,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार की गर्भवती पत्नी ने विभाग पर जबरन फंसाने का संगीन आरोप लगाया है...

निगरानी की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल: रिश्वतकांड में फंसे र
निगरानी की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Department) की एक बड़ी कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। विभाग ने नवादा सदर अस्पताल के पास से एक राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार को 15,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार करने का दावा किया है। लेकिन इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद राजस्व कर्मचारी की पत्नी ने सामने आकर निगरानी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरी कार्रवाई को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है, जिससे महकमे में खलबली मच गई है।


गर्भवती पत्नी का दावा: 'जबरन हाथ में थमाए गए पैसे, फिर टीम ने घेरा'

गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार की पत्नी प्रियंका कुमारी ने इस पूरी घटना को लेकर एक वीडियो जारी किया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रियंका कुमारी के अनुसार, वह खुद गर्भवती हैं और शनिवार को अपने पति सुजीत कुमार के साथ नवादा सदर अस्पताल में रूटीन चेकअप और इलाज के लिए आई थीं। अस्पताल से बाहर निकलने के बाद जैसे ही वे लोग घर जाने के लिए एक ई-रिक्शा पर बैठने वाले थे, तभी अचानक एक अज्ञात व्यक्ति आया और उसने उनके पति के हाथ में जबरन रुपयों की गड्डी थमा दी।


सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, खुद को बेकसूर बताते दिखे कर्मचारी

पीड़ित पत्नी का आरोप है कि रुपये उनके पति के हाथ में ठीक से संभल भी नहीं पाए थे कि पहले से घात लगाए बैठी निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें चारों ओर से दबोच लिया। प्रियंका का कहना है कि यह पूरी तरह से उनके पति को फंसाने का जाल था। इधर, मौके से सामने आए एक अन्य वायरल वीडियो में भी देखा जा सकता है कि गिरफ्तारी के वक्त राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार लगातार चिल्ला रहे हैं कि उन्हें जबरन पैसे क्यों दिए जा रहे हैं और वे बेकसूर हैं। हालांकि, निगरानी की टीम ने उनकी एक न सुनी और उन्हें जबरन गाड़ी में बिठाकर पटना के लिए रवाना हो गई।


मुख्यमंत्री से गुहार: सदर अस्पताल के CCTV फुटेज खंगालने की मांग

इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बाद पीड़ित पत्नी प्रियंका कुमारी ने प्रशासन, न्यायपालिका और सूबे के मुख्यमंत्री से इस मामले की उच्च स्तरीय और गहन जांच की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि नवादा सदर अस्पताल के मुख्य गेट और परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज की बारीकी से जांच की जाए। प्रियंका का दावा है कि अगर उस समय का फुटेज सार्वजनिक किया जाए, तो साफ हो जाएगा कि किस तरह एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके पति के हाथ में पैसे ठूंसे गए और निगरानी विभाग ने एकतरफा कार्रवाई कर दी।


निगरानी विभाग ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति, जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

दूसरी तरफ, निगरानी विभाग ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। विभाग का कहना है कि उन्हें उक्त राजस्व कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत मांगने की पुख्ता शिकायत मिली थी, जिसके बाद जाल बिछाकर (Trap Case) सुजीत कुमार को 15,000 रुपये नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। बहरहाल, निगरानी विभाग के अपने दावे हैं और पीड़ित परिवार के अपने संगीन आरोप, लेकिन अस्पताल परिसर के बाहर सरेआम हुए इस वाकये ने निगरानी की ट्रैपिंग थ्योरी पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट