नवादा में रफ्तार का कहर : दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो बुजुर्गों की दर्दनाक मौत

नवादा जिले में आज एकबार फिर रफ्तार के कहर ने दो लोगों की जान ले ली। जिले के कौआकोल और सिरदला थाना क्षेत्रों में हुए दो भीषण सड़क हादसों में दो बुजुर्गों की मौत हो गई....

नवादा में रफ्तार का कहर : दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो बुजु
नवादा में रफ्तार का कहर- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले में रफ्तार के कहर ने दो अलग-अलग परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। जिले के कौआकोल और सिरदला थाना क्षेत्रों में हुए दो भीषण सड़क हादसों में दो बुजुर्गों की मौत हो गई। दोनों ही घटनाएं 'हिट एंड रन' (टक्कर मारकर भागने) की हैं, जहां हादसे को अंजाम देने के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा दिया है और फरार वाहनों की तलाश में जुट गई है।


पहली घटना: कौआकोल में तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने बुजुर्ग को कुचला

पहली दर्दनाक दुर्घटना कौआकोल थाना क्षेत्र के महुडर पंचायत अंतर्गत फरकी पत्थर गांव के समीप घटी। जानकारी के अनुसार, फरकी पत्थर गांव निवासी पाचू तुरिया के 62 वर्षीय पुत्र राजकुमार तुरिया शाम के समय बाजार से घरेलू सामान की खरीदारी कर पैदल अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ई-रिक्शा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कौआकोल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।


दूसरी घटना: सिरदला में साइकिल सवार कपड़ा व्यवसायी को अज्ञात वाहन ने रौंदा

दूसरा हादसा सिरदला थाना क्षेत्र के नवाबगंज मोड़ के पास हुआ। फुलवरिया गांव के रहने वाले 60 वर्षीय रामचंद्र चौधरी साइकिल पर सवार होकर अपने व्यवसाय के सिलसिले में तगादा (पैसे वसूलने) करने जा रहे थे। इसी बीच पीछे से आ रहे एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें बेरहमी से रौंद दिया। घायल रामचंद्र चौधरी को स्थानीय अस्पताल से नवादा सदर अस्पताल और फिर वहां से गंभीर स्थिति में पटना रेफर किया गया, लेकिन पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।


परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे रामचंद्र

मृतक रामचंद्र चौधरी के पुत्र नीतीश कुमार ने रोते हुए बताया कि उनके पिता ही गांव-गांव घूमकर कपड़ा बेचते थे और पूरे परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पूरे परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। इन लगातार हो रहे हादसों से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने, नवाबगंज मोड़ और ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा के पुख्ता उपाय करने तथा पीड़ित परिवारों को उचित सरकारी मुआवजा देने की मांग की है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट