थाने के अंदर नाबालिग की मौत पर चढ़ा राजनीतिक रंग, बोले पूर्व MLC - कुशवाहा समाज के दबंगों को बचाने की साजिश

थाने के अंदर नाबालिग की मौत पर चढ़ा राजनीतिक रंग, बोले पूर्व

Nawada - नवादा जिले काशीचक थाना परिसर में 27 नवंबर को हुई 17 वर्षीय नाबालिग सन्नी कुमार की संदिग्ध मौत का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, लेकिन पूर्व एमएलसी व अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रखर नेता प्रो. रामबली सिंह ने रविवार को बौरी गांव पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की और नवादा सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर सनसनीखेज आरोप लगाए। 

प्रो. रामबली सिंह ने कहा, “यह किसी भी कोण से आत्महत्या नहीं है। पहले नाबालिग के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, फिर गला दबाकर हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया गया। थाने के अंदर इतनी बड़ी वारदात हुई, लेकिन सीसीटीवी फुटेज आज तक जारी क्यों नहीं किया गया? स्पष्ट है कि कुशवाहा जाति के प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए पुलिस पूरी तरह मिली हुई है। 

पैसा और ऊपर की पैरवी से हत्या को आत्महत्या में बदलने का खेल चल रहा है।”उन्होंने थाना प्रभारी से लेकर सभी पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए कहा कि इन सभी पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। तीन पुलिसकर्मियों का निलंबन सिर्फ खानापूर्ति है। पूर्व एमएलसी ने चेतावनी दी कि यह मामला मानवाधिकार आयोग से सीबीआई तक ले जाया जाएगा। डीजीपी से मुलाकात होगी और जरूरत पड़ी तो सड़क से संसद तक आंदोलन किया जाएगा।

गौरतलब है कि प्रेम प्रसंग के कारण भागे दोनों नाबालिग 27 नवंबर को थाने लाए गए थे। रात में सन्नी का शव फंदे पर लटका मिला था। मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों ने थाने पर हमला बोल दिया और सड़क जाम कर दी थी। जातिगत तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। 

मामला अब अति पिछड़ा बनाम कुशवाहा समाज के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है। श आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन होने के पूरे आसार हैं।


रिपोर्ट - अमन  सिन्हा