नवादा सदर अस्पताल में दो घायल युवकों की मौत के बाद भारी बवाल, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

नवादा सदर अस्पताल से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां घायल दो युवको की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और ऑन-ड्यूटी अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य की जमकर पिटाई कर दी...

नवादा सदर अस्पताल में दो घायल युवकों की मौत के बाद भारी बवाल
नवादा सदर अस्पताल में दो घायल युवकों की मौत के बाद भारी बवाल- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही और अनुपस्थिति के कारण दो घायल युवकों की मौत का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा और बवाल काटा। गुस्साए लोगों ने ऑन-ड्यूटी अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य की जमकर पिटाई भी कर दी। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।


अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवकों को रौंदा

घटना के संबंध में बताया जाता है कि यह दर्दनाक सड़क हादसा सुपौल गांव के समीप हुआ। जहां एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को बुरी तरह कुचल दिया। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पने लगे। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से दोनों घायलों, जिनकी पहचान मुगलखार के रहने वाले  मोहम्मद मंजर का पुत्र 16 वर्षीय मोहम्मद कैफ और वही दूसरे की मोहम्मद आरिफ का पुत्र 17 वर्षीय मोहम्मद के रूप में हुई है, को तुरंत इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल पहुंचाया गया।


परिजनों का गंभीर आरोप— 'घंटों नहीं मिले डॉक्टर'

मृतक युवकों के परिवार वालों का सीधा और गंभीर आरोप है कि जब वे दोनों घायलों को अस्पताल लेकर आए थे, तब उनकी सांसें चल रही थीं और वे जिंदा थे। लेकिन अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में लगभग दो घंटे तक कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर उपलब्ध नहीं था। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर प्राथमिक उपचार और डॉक्टरों की देखरेख मिल जाती, तो दोनों युवकों की जान बचाई जा सकती थी। सही समय पर इलाज न मिलने के कारण ही दोनों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।


अस्पताल प्रबंधक की पिटाई और बचाव की दलील

युवकों की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल में मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और इसी बीच अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य को घेरकर उनके साथ मारपीट की। बाद में स्थिति को संभालते हुए प्रबंधक कुमार आदित्य ने अपनी सफाई में दलील दी कि ऑन-ड्यूटी डॉक्टर मुकेश कुमार उस वक्त दूसरे वार्ड में मरीजों को देखने गए थे और वापस लौट ही रहे थे, लेकिन इसी बीच विवाद इतनी तेजी से बढ़ा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।


बुनियादी सुविधाओं का अभाव और पुलिसिया कार्रवाई

नवादा सदर अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित अनुपस्थिति, स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी और बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का अभाव कोई नई बात नहीं है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम जनता अक्सर इसकी शिकायतें आला अधिकारियों से करते रहे हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना को अंजाम देकर भागने वाले अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।

अमन सिन्हा की रिपोर्ट