ट्रेन के इंजन के आगे खड़ी हो गई महिला दारोगा, सफर में हुई ऐसी घटना की एक घंटे तक रोककर रखी ट्रेन, बिहार का अजीब मामला

एक महिला दारोगा के साथ ट्रेन में हुई मारपीट की घटना के बाद उसने ट्रेन के इंजन के आगे खड़े होकर अपने परिवार के साथ हुई मारपीट का विरोध जताया जिस कारण करीब एक घंटे ट्रेन रुकी रही

Gaya-Howrah Express Train
Gaya-Howrah Express Train- फोटो : news4nation

Rail News : बिहार के नवादा जिले में गया-हावड़ा एक्सप्रेस में सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद काशीचक स्टेशन तक पहुंचते-पहुंचते हिंसक झड़प में बदल गया। महिला दारोगा और उनके परिवार के साथ कथित मारपीट के विरोध में वह ट्रेन के इंजन के सामने खड़ी हो गईं, जिसके कारण गया-हावड़ा एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक काशीचक स्टेशन पर रुकी रही। जानकारी के अनुसार, महिला दारोगा अपने दारोगा पति और बच्चे के साथ गया से पाकुड़ जाने के लिए गया-हावड़ा एक्सप्रेस की बी-2 एसी बोगी में यात्रा कर रही थीं। 


विवाद की शुरुआत नवादा रेलवे स्टेशन से हुई, जहां कुछ युवकों ने उनकी आरक्षित सीट पर जबरन बैठने की कोशिश की। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि नवादा स्टेशन से शुरू हुआ यह विवाद ट्रेन के वारिसलीगंज स्टेशन तक जारी रहा। आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने अपने साथियों को फोन कर काशीचक स्टेशन पर बुला लिया। महिला दारोगा ने घटना की शिकायत रेल मदद (Rail Madad) पोर्टल पर दर्ज कराई और टीटीई को भी पूरे मामले की जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की, लेकिन उन्हें तत्काल कोई सहायता नहीं मिली।


ट्रेन के काशीचक स्टेशन से खुलने के कुछ ही देर बाद किसी ने वैक्यूम काटकर ट्रेन रोक दी। आरोप है कि पहले से मौजूद युवकों के साथ कुछ अन्य लोग भी वहां पहुंच गए और महिला दारोगा, उनके पति तथा परिवार के साथ मारपीट की। इस दौरान ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यात्रियों में दहशत फैल गई।


घटना से आक्रोशित महिला दारोगा आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ट्रेन के इंजन के सामने खड़ी हो गईं। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें समझाकर हटाया, तब जाकर ट्रेन को आगे रवाना किया जा सका।


पूरी घटना के कारण गया-हावड़ा एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक काशीचक स्टेशन पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।


फिलहाल रेलवे और स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है। वहीं पीड़ित महिला दारोगा का कहना है कि यदि नवादा स्टेशन पर शिकायत के बाद समय पर सुरक्षा उपलब्ध करा दी जाती, तो विवाद वारिसलीगंज और काशीचक तक नहीं पहुंचता और यह पूरी घटना टाली जा सकती थी।

अमन की रिपोर्ट