निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान युवक की मौत, परिजनों ने गलत इलाज और लापरवाही का आरोप लगा किया हंगामा

नवादा जिले में एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के परिजनों ने गलत इलाज का दावा करते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि युवक को मलेरिया था जबकि क्लिनिक में डेंगू का इलाज किया गया , जिससे उसकी मौत हो गई.....

निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान युवक की मौत, परिजनों ने गलत इ
इलाज के दौरान मौत पर भड़के परिजन- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित दरमनियां बाजार के एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 32 वर्षीय युवक दिलीप कुमार की मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजनों ने सोमवार को शव को एम्बुलेंस से लाकर गोविंदपुर-बरेव मुख्य मार्ग पर रख दिया और सड़क जाम कर दी। मृतक पड़ोसी राज्य झारखंड के सतगावां थाना क्षेत्र का निवासी था। सड़क जाम रहने से मार्ग के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।


गलत इलाज और लापरवाही का आरोप, मलेरिया की जगह डेंगू के इलाज का दावा 

मृतक के परिजनों ने क्लीनिक संचालक सरवन कुमार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। स्वजनों का कहना है कि दिलीप को केवल बुखार था, लेकिन पांच दिनों तक गलत इलाज किया गया। परिजनों के मुताबिक दिलीप को मलेरिया था, जबकि डॉक्टर डेंगू का इलाज कर रहे थे। हालत बिगड़ने पर उसे नवादा और फिर पटना भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।


क्लीनिक बंद कर भागा संचालक, परिजनों ने की जांच की मांग 

मौत की खबर मिलते ही परिजन शव लेकर दरमनियां बाजार पहुँचे और क्लीनिक के बाहर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान क्लीनिक संचालक मौका पाकर फरार हो गया। आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक की वैधता और इलाज के पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग उठाई।


अधिकारियों के आश्वासन पर हटा जाम, पोस्टमार्टम कराने से परिजनों का इनकार 

घटना की सूचना मिलते ही बीडीओ कुमार शैलेंद्र और थानाध्यक्ष विजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर सड़क से जाम हटवाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने इससे इनकार कर दिया। बीडीओ ने कहा कि लिखित आवेदन मिलने पर क्लीनिक की जाँच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, आर्थिक मदद के लिए आगे आए लोग 

मृतक दिलीप कुमार अपने पीछे पत्नी नगीना देवी और तीन छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। इस असमायिक मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद किन्नर समुदाय के गुरु बालों उर्फ रसभरी ने पीड़ित परिवार को 5,100 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट