सीमांचल के 4 जिलों में जल्द ही बनेगा 21 आरओबी, मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने एक सप्ताह में भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी करने के दिए निर्देश
Patna : बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सीमांचल के चार जिलों—पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में रेलवे की विशेष परियोजनाओं के तहत प्रस्तावित 21 रेल ओवर ब्रिज (ROB) के निर्माण में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं। पटना स्थित विभागीय कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर हर हाल में धारा 20(ए) के तहत भू-अर्जन की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का समयबद्ध लक्ष्य सौंपा है।
नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे और जिला भू-अर्जन अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा
आयोजित समीक्षा बैठक में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) और कटिहार रेल मंडल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं मुख्य अभियंता सहित उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह तथा चारों जिलों के जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (DL AO) भी उपस्थित रहे। मंत्री ने रेलवे और जिला प्रशासन के बीच आपसी समन्वय को मजबूत कर भूमि अधिग्रहण की अड़चनों को अविलंब दूर करने का निर्देश दिया।
कटिहार में 6 और किशनगंज में 6 आरओबी परियोजनाओं को मिली रफ्तार
समीक्षा के दौरान कटिहार जिले में 6 स्थानों (जैसे एलसी संख्या KK-1, KM-2, KM-10, KM-16, NC-63, SK-351 और KJ-5) पर 2-लेन आरओबी के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की समीक्षा की गई। वहीं, किशनगंज जिले में एलसी संख्या SK-318, SK-262, SK-269, SK-274, SK-258 और SK-247 पर प्रस्तावित 6 आरओबी परियोजनाओं के लिए आवश्यक रकबे का आकलन किया गया, जिससे इलाके में रेल व सड़क यातायात सुगम हो सके।
पूर्णिया में 2 और अररिया जिले में 7 आरओबी के निर्माण से सुधरेगा यातायात
बैठक में पूर्णिया जिले के अंतर्गत एलसी संख्या KJ-18 (पूर्णिया जंक्शन-कसबा) और KJ-33 में प्रस्तावित 2 आरओबी परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसके अलावा, अररिया जिले में एलसी संख्या KJ-46, KJ-56, KJ-58, KJ-63, KJ-72, KJ-43 और KJ-69 (फारबिसगंज-जोगबनी रेलखंड) समेत कुल 7 आरओबी निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में जाम की समस्या से निजात मिल सके।
निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने पर होगी कड़ी कार्रवाई
डॉ. दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जनहित और पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी से जुड़ी रेलवे की इन अतिमहत्वाकांक्षी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और रेल विभाग के साथ बेहतर तालमेल बैठाकर तय अवधि के भीतर अधिग्रहित भूमि रेलवे को हस्तांतरित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएं।