Bihar Transport News : बिहार परिवहन विभाग में बड़ा एक्शन, राजस्व वसूली में फिसड्डी 40 अफसरों को मिला शो-कॉज नोटिस, पटना-मुजफ्फरपुर DTO भी रडार पर
Bihar Transport News : राजस्व वसूली मामले में फिसड्डी DTO को विभाग ने शो कॉज नोटिस थमा दिया है. उनसे तीन दिनों के भीतर जवाब माँगा गया है.......पढ़िए आगे
PATNA : बिहार परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने में भारी लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात 10 डीटीओ (DTO), 10 एडीटीओ (ADTO) समेत कुल 40 पदाधिकारियों को कारण बताओ (Show-cause) नोटिस जारी किया है। इन सभी अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है, संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार द्वारा की गई हालिया समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि कई जिलों में राजस्व वसूली की स्थिति चिंताजनक है।
मंत्री ने दो महीने पहले ही कार्यशैली में सुधार की चेतावनी दी थी, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी प्रदर्शन में सुधार नहीं दिखा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भागलपुर, छपरा, और मधुबनी जैसे जिलों में लक्ष्य की तुलना में मात्र 8 से 9 प्रतिशत ही राजस्व संग्रहण हो पाया है। मंत्री ने साफ लहजे में कहा है कि अधिकारियों का अगला पदस्थापन अब उनके परफॉर्मेंस के आधार पर ही तय किया जाएगा।राजस्व वसूली में पिछड़ने वाले प्रमुख जिलों में पटना के डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल (10%), मुजफ्फरपुर के कुमार सत्येंद्र यादव (9.2%), और छपरा के लतीफुर अंसारी (8.2%) शामिल हैं। इसके अलावा भागलपुर के डीटीओ जनार्दन कुमार का प्रदर्शन सबसे खराब (8%) पाया गया है।
विभाग ने किशनगंज, अरवल, सीतामढ़ी, और रोहतास के जिला परिवहन पदाधिकारियों को भी नोटिस थमाया है। इन जिलों में करोड़ों के लक्ष्य के मुकाबले लाखों की वसूली भी मुश्किल से हो पा रही है।कार्रवाई की जद में केवल डीटीओ ही नहीं, बल्कि निचले स्तर के अधिकारी भी आए हैं। किशनगंज, मधुबनी और पटना के एडीटीओ के साथ-साथ मुजफ्फरपुर, बेतिया और नवादा के मोटर यान निरीक्षकों (MVI) से भी जवाब तलब किया गया है। साथ ही भोजपुर, सुपौल और मधेपुरा सहित कई अन्य जिलों के प्रवर्तन अवर निरीक्षकों (ESI) पर भी गाज गिरी है। इन सभी पर फील्ड में सक्रियता न दिखाने और राजस्व लक्ष्य के प्रति उदासीन रहने का आरोप है। हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि लाइसेंस और वाहन निबंधन जैसे प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में तेजी आई है और लंबित मामलों में कमी दर्ज की गई है।
राजस्व संग्रहण को पटरी पर लाने के लिए आगामी 15 दिनों के भीतर पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ड्राइविंग लाइसेंस और निबंधन जैसी सेवाओं के त्वरित निष्पादन के साथ-साथ सरकार के खजाने में निर्धारित राजस्व की प्राप्ति भी सुनिश्चित हो सके। भागलपुर के डीटीओ जनार्दन कुमार ने लक्ष्य के मुकाबले 8% वसूली की है। छपरा डीटीओ लतीफुर अंसारी8.2%, मधुबनी डीटीओ राम बाबू8.6%, मुजफ्फरपुर डीटीओ कुमार सत्येंद्र यादव 9.2% पटना डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल ने लक्ष्य के मुकाबले 10% राजस्व की वसूली की है।