रात में सड़क को गाड़ी पार्क करने का गैराज समझने की भूल करना पड़ेगा भारी, उठाकर ले जाएंगे, जारी हो गया आदेश
Patna - राजधानी पटना को जाम के झाम से मुक्त कराने के लिए प्रशासन अब फुल एक्शन मोड में आ गया है। गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद शुक्रवार को ट्रैफिक एसपी वैभव शर्मा ने एक कड़ा पत्र जारी किया है। इस नए आदेश के मुताबिक, जो लोग सरकारी सड़क को अपनी निजी संपत्ति या 'गैराज' समझकर रात भर गाड़ियां खड़ी छोड़ देते हैं, उन पर अब बड़ी गाज गिरने वाली है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर अतिक्रमण अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ट्रैफिक एसपी द्वारा जारी लेटर में पुलिस अधिकारियों को ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जो अपने शोरूम या गैराज के सामने सड़क पर गाड़ियों की पार्किंग करते हैं। यह लिस्ट तैयार कर नगर निगम को सौंपी जाएगी, ताकि उन पर सख्त कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, जिन लोगों ने अपनी खराब या खटारा गाड़ियां सड़कों पर छोड़ रखी हैं, उन्हें हटाने के लिए महज 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर समय सीमा के भीतर गाड़ियां नहीं हटीं, तो संबंधित एजेंसियों, शोरूम और गैराज मालिकों के खिलाफ कानूनी डंडा चलेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे लापरवाह गाड़ी मालिकों पर मोटर व्हीकल (MV) एक्ट की धारा 127 के तहत कार्रवाई की जाएगी। नियम के मुताबिक, किसी सार्वजनिक स्थान पर 10 घंटे या उससे अधिक समय तक, या फिर रात में वाहन छोड़ देना गैरकानूनी है।
अगर कोई ऐसा करता पाया गया, तो पुलिस क्रेन के जरिए गाड़ी को जब्त कर लेगी। इसके बाद गाड़ी मालिक को न सिर्फ क्रेन का खर्च उठाना होगा, बल्कि जुर्माना भी भरना पड़ेगा। नो-पार्किंग में पहली बार पकड़े जाने पर 500 रुपये और दूसरी बार से हर गलती पर 1000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
इस आदेश का असर जमीन पर भी दिखना शुरू हो गया है। शुक्रवार को एएसपी सदर अभिनव ने कंकड़बाग, जक्कनपुर और अन्य इलाकों के ट्रैफिक पोस्ट का औचक निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया।
शहर के अन्य एएसपी और डीएसपी भी अपने-अपने इलाकों में सड़कों पर उतरे और ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लिया। सभी थानाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने इलाके की सड़कों पर अतिक्रमण न होने दें और यातायात को सुगम बनाए रखें।