PATNA - सुप्रीम कोर्ट से बिहार विधान परिषद में अपनी सदस्यता फिर से हासिल करने के बाद सुनील सिंह अब फिर से अपने पुराने तेवर में नजर आ रहे हैं। केस जीतने के बाद आज पटना स्थित राजद प्रदेश कार्यालय में सुनील सिंह का पार्टी नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान स्वागत से सुनील सिंह भी अभिभूत नजर आए। उन्होंने इस जीत के लिए लालू यादव, तेजस्वी यादव सहित पार्टी नेताओं का धन्यवाद किया। जो इस लड़ाई में उनके साथ खड़े रहे।
खुद को बताया राजद का सिपाही
एमएलसी की सदस्यता फिर से हासिल करने के बाद सुनील सिंह ने नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने खुद को राजद का हार्डकोर सिपाही बताते हुए सात महीन पहले हुई घटना का जिक्र किया। जब मुझे विधान परिषद से निष्कासित कर दिया गया। मेरा कसूर यह था कि मैं गरीबों और किसानों की बात सदन में उठाता था। उन्होंने कहा कि जो आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया तो उससे लोकतंत्र की हत्या होने से बच गया।
सिर्फ एक शब्द कहने पर सदस्यता खत्म की
सुनील सिंह ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि सिर्फ एक शब्द कहने पर मेरी सदस्यता खत्म कर दी गई। उन्होंने नीतीश कुमार का नाम लिए बगैर कहा कि वही व्यक्ति जो दोनों सदनों में महिलाओं के प्रति किस तरह की भाषा का प्रयोग किया, उसकी भर्त्सना उन लोगों ने हर जगह की, जिनकी गोद में वह बैठे हुए हैं। लेकिन उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने दलित समाज के पूर्व मुख्यमंत्री के लिए क्या शब्द इस्तेमाल किया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनकी ही पार्टी से एक बड़े पद पर बैठे व्यक्ति ने आसन के प्रति गलत शब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि किसानों, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की बात करने पर मेरी सदस्यता खत्म कर दी गई।
फिर से आवाज उठाएंगे
सुनील सिंह ने कहा कि वह मुझे रोक नहीं सकते, मैं फिर से सदन में किसान की बात उठाउंगा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की बात उठाउंगा।
REPORT - RANJAN KUMAR