राजस्व विभाग में फिर बड़ी कार्रवाई: 10 अधिकारियों पर गिरी गाज, समस्तीपुर के प्रभारी AS0 को बर्खास्त करने की अनुशंसा

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में सीएम सम्राट चौधरी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की गई। विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने 10 अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मंजूरी दी है...

राजस्व विभाग में फिर बड़ी कार्रवाई: 10 अधिकारियों पर गिरी गा

Patna : बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, अनियमितता और कर्तव्यहीनता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की गई है। विभागीय कार्यों में घोर लापरवाही और निर्देशों की अवहेलना करने के मामले में मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने 10 अधिकारियों के विरुद्ध कड़े दंड और विभागीय कार्रवाई को मंजूरी दे दी है। मंत्री के इस कड़े रुख से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।


महिला अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त करने की तैयारी

इस पूरी कार्रवाई में सबसे बड़ा डंडा समस्तीपुर की प्रभारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (ASO) श्रीमती अंजली कुमारी आनंद पर चला है, जिन्हें सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है। विभाग के मुताबिक, वे जुलाई 2021 से ही बिना किसी सूचना के अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रही थीं और जांच के लिए गठित विभागीय कार्यवाही में भी किसी प्रकार का सहयोग नहीं कर रही थीं।


इन 9 अधिकारियों पर भी तय हुई अलग-अलग सजा

बर्खास्तगी के अलावा विभाग ने 9 अन्य अधिकारियों को भी अलग-अलग मामलों में दंडित किया है। आदेश के अनुसार, कुमारी आंचल (छपरा सदर), रविन्द्र कुमार चौपाल (अस्थावां) और राकेश कुमार (पश्चिम चम्पारण) को 'निंदन दंड' दिया गया है। बोधगया के तत्कालीन सीओ अविनाश कुमार की एक वेतन वृद्धि (Salary Increment) रोकने का फैसला हुआ है, जबकि मधेपुर की सीओ कौशिका कुमारी को कड़ी चेतावनी दी गई है। इसके अलावा ज्ञानेन्द्र, नारायण राजा, संजीव कुमार और राम कुमार रमन के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।


अब तक 42 दागी अधिकारियों पर गिर चुकी है गाज

मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि राजस्व विभाग में जनता को परेशान करने वाले और लापरवाह अफसरों के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार हर हाल में पारदर्शी और जनोन्मुखी प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि इस विभाग में अब तक कुल 42 अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें हाल ही में राजस्व अधिकारी सोनी कुमारी की बर्खास्तगी की अनुशंसा भी शामिल थी।


दाखिल-खारिज और जमाबंदी मामलों की हो रही डिजिटल मॉनिटरिंग

विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता से सीधे जुड़े मामलों जैसे—दाखिल-खारिज (Mutation), जमाबंदी, सरकारी भूमि का संरक्षण, भू-हदबंदी, डिजिटल भू-अभिलेख और सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े आवेदनों की मुख्यालय स्तर से लगातार कड़ी निगरानी की जा रही है। इस समीक्षा के दौरान जो भी अधिकारी फाइलों को अटकाने, टालमटोल करने या वित्तीय अनियमितता में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ आने वाले दिनों में भी ऐसी ही दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।



वंदना शर्मा की रिपोर्ट