पटना मेट्रो स्टेशन पर एटीएस का महा-मॉक ड्रिल: आतंकी हमले से निपटने के लिए कई सुरक्षा एजेंसियों ने परखी अपनी ताकत

पटना मेट्रो स्टेशन पर एटीएस का महा-मॉक ड्रिल: आतंकी हमले से
पटना मेट्रो स्टेशन पर एटीएस का महा-मॉक ड्रिल- फोटो : अनिल कुमार

Patna : राज्य की आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बनाने और किसी भी संभावित आतंकवादी हमले अथवा आपातकालीन परिस्थिति से त्वरित व प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से राजधानी पटना में एक बड़ा सुरक्षा अभ्यास किया गया। पटना मेट्रो के पाटलीपुत्र बस टर्मिनल स्टेशन परिसर में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल आतंकरोधी संयुक्त मॉक ड्रिल (Mock Drill) से पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया। इस युद्धाभ्यास जैसी तैयारियों को देखकर एक पल के लिए आसपास के लोग भी चौंक गए।


बिहार एटीएस समेत कई विभागों के सैकड़ों जांबाज हुए शामिल

इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल में बिहार के आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) के कमांडो ने मुख्य कमान संभाली। उनके साथ पटना जिला पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), अग्निशमन सेवा (फायर ब्रिगेड), स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें, पटना मेट्रो रेल परियोजना के सुरक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन के आला अधिकारी व कर्मी सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए। सभी एजेंसियों ने वास्तविक संकट जैसी स्थिति पैदा कर अपनी युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया।


त्वरित रेस्क्यू, घेराबंदी और बम निरोधक कार्यप्रणाली का हुआ परीक्षण

इस पूरे संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकवादी घटना, आत्मघाती हमले, सीरियल ब्लास्ट अथवा अन्य अचानक उपजी आपातकालीन परिस्थिति में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल (को-ऑर्डिनेशन) को मजबूत करना था। अभ्यास के दौरान संकट के समय त्वरित प्रतिक्रिया (क्विक रिस्पॉन्स), पूरे मेट्रो स्टेशन क्षेत्र की रणनीतिक घेराबंदी, यात्रियों और घायलों का सुरक्षित रेस्क्यू व निकास, भीड़ नियंत्रण, तथा बम निरोधक दस्ते (BDDS) द्वारा लाइव बम को डिफ्यूज करने की कार्यप्रणाली का कड़ा परीक्षण किया गया।


भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए बेहद कारगर साबित होगा अभ्यास

मेट्रो जैसे व्यस्त और पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाले संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा के लिहाज से यह ड्रिल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके माध्यम से अलग-अलग विभागों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता (Emergency Response Capacity) का सफल परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के सघन अभ्यासों से न सिर्फ सुरक्षा बलों की कमियों को दूर करने में मदद मिलती है, बल्कि भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित सुरक्षा चुनौती या खतरे का डटकर सामना करने की क्षमता और अधिक सुदृढ़ होती है।


सुरक्षा एजेंसियों की पेशेवर दक्षता और प्रतिबद्धता की दिखी झलक

इस मॉक ड्रिल का सफल और अनुशासित आयोजन बिहार एटीएस और अन्य सहभागी तकनीकी एजेंसियों की उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता, उच्च स्तरीय तत्परता तथा राज्य की सुरक्षा व नागरिकों की रक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को साफ तौर पर दर्शाता है। वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने अभ्यास की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे संयुक्त सुरक्षा अभ्यास नियमित अंतराल पर जारी रहेंगे, ताकि पटना सहित पूरे सूबे को हर प्रकार के खतरों से सुरक्षित रखा जा सके।


अनिल की रिपोर्ट