बांका पुलिस लाइन में 'भोजन' बना जहर: 100 से अधिक जवान फूड प्वाइजनिंग के शिकार, सदर अस्पताल में भर्ती
बांका पुलिस लाइन में शुक्रवार को फ्राइड राइस और छोला खाने से 100 से अधिक जवान फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। सभी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
Patna - बिहार के बांका जिले से शुक्रवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ पुलिस लाइन में परोसा गया दोपहर का भोजन जवानों के लिए 'जहर' साबित हुआ। पुलिस लाइन मेस में खाना खाने के कुछ ही देर बाद एक साथ 100 से अधिक जवानों की तबीयत खराब होने लगी। देखते ही देखते पूरा परिसर एम्बुलेंस के सायरन से गूंज उठा और पूरे विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दोपहर के भोजन के बाद बिगड़े हालात
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर को मेस में जवानों के लिए फ्राइड राइस और चना छोला तैयार किया गया था। ड्यूटी से लौटे जवानों ने जब यह भोजन ग्रहण किया, तो उसके कुछ ही समय बाद उन्हें पेट दर्द, जी मिचलाने और उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायतें होने लगीं। बीमार जवानों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी कि स्वास्थ्य प्रशासन को तत्काल अलर्ट पर रहना पड़ा।
सदर अस्पताल में आपातकालीन स्थिति

गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी जवानों को तुरंत बांका सदर अस्पताल ले जाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के आने से अस्पताल में बेड कम पड़ गए, जिसके बाद आनन-फानन में अतिरिक्त बेड और डॉक्टरों की तैनाती की गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जवानों को प्राथमिक उपचार के तौर पर सलाइन चढ़ाया जा रहा है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निरंतर निगरानी कर रही है।
मेस की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
इस घटना ने पुलिस लाइन की मेस में मिलने वाले भोजन की स्वच्छता और उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बीमार जवानों और उनके सहयोगियों के बीच इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी सुरक्षा में तैनात रहने वाले जवानों के स्वास्थ्य के साथ इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। मेस की साफ-सफाई को लेकर भी पहले से असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं।
सैंपल की जांच और कार्रवाई का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। परोसे गए भोजन के सैंपल को लैब में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समस्या कच्चे अनाज में थी या बनाने की प्रक्रिया में। अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार मेस संचालकों या कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Report - chandshekher bhagat