Bihar News: बिहार में गन लाइसेंस का झंझट खत्म! अब महीनों नहीं, चुटकियों में मिलेगा हथियार का लाइसेंस, जानिए नया नियम

Bihar News: बिहार में शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सरकार सख्त हो गई है। गृह विभाग ने सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश दिया है कि लाइसेंस आवेदनों का तय समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करें...

हथियार का लाइसेंस
आसानी से मिलेगा हथियार का लाइसेंस - फोटो : social media

Bihar News: बिहार में अब अपनी सुरक्षा के लिए हथियार का लाइसेंस लेने की इच्छा रखने वालों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही सालों-साल अपनी फाइल के आगे बढ़ने का इंतज़ार करना होगा। नीतीश सरकार ने सिस्टम की सुस्ती को खत्म करने के लिए एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अब जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) की जवाबदेही तय कर दी गई है। नए आदेश के मुताबिक, अब इन अधिकारियों को हर महीने गृह विभाग को यह रिपोर्ट सौंपनी होगी कि उनके पास लाइसेंस के कितने आवेदन आए और उन पर क्या कार्रवाई हुई।

डीएम एसपी को भेजे गए निर्देश 

दरअसल, गृह विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश भेजे हैं। साथ ही, सभी जिलों से शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी मासिक रिपोर्ट भी मांगी गई है, जिसे हर माह की 7 तारीख तक विभाग को उपलब्ध कराना होगा। निर्देश में कहा गया है कि पुलिस रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवेदक की आवश्यकता का आकलन कर तय समय के भीतर लाइसेंस पर निर्णय लिया जाए। इसके अलावा, नए आवेदन या नवीकरण के लिए पुलिस रिपोर्ट देने की समय-सीमा भी निर्धारित की गई है।

मासिक रिपोर्ट का फॉर्मेट तय

गृह विभाग ने रिपोर्टिंग के लिए एक निश्चित फॉर्मेट भी जारी किया है। इसमें जिलों को कुल प्राप्त आवेदन, निष्पादित आवेदनों की संख्या और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों का विवरण देना होगा। आदेश के अनुसार, आयुध नियम 2016 के नियम 13 और 14 के तहत पुलिस रिपोर्ट मिलने के 60 दिनों के भीतर आवेदनों पर निर्णय लेना होगा। इसके साथ ही, शस्त्र लाइसेंस के नए आवेदन या नवीकरण के लिए पुलिस रिपोर्ट 30 दिनों के अंदर देना अनिवार्य किया गया है।

पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश

गौरतलब है कि इससे पहले मार्च में गृह विभाग ने मुखिया, सरपंच सहित पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों का निष्पादन 60 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया था। सरकार का उद्देश्य शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है, ताकि लंबित मामलों में कमी लाई जा सके।