बिहार विधानसभा में शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित, विपक्ष ने सरकार को इन मुद्दों पर घेरा

सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष के विधायकों ने नीट पेपरलीक को लेकर हंगामा किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. वहीं बाद में शोक प्रस्ताव लाया गया

Condolence motion in Bihar Assembly
Condolence motion in Bihar Assembly - फोटो : news4nation

Bihar Assembly Monsoon Session:   बिहार विधानसभा का 5 दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरु हो गया. सदन की कार्यवाही 20 से 24 जुलाई यानी 5 दिनों तक चलेगी. पहले दिन सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शोक प्रस्ताव पढ़ा. इसके बाद सदन में दिवंगत आत्माओं के स्मरण में मौन रखा गया. वहीं सदन की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.


वहीं  कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष के विधायकों ने नीट पेपरलीक को लेकर हंगामा किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.  स्पीकर के समझाने के बाद विधायक शांत हुए. सदन शुरू होते ही राजद के आलोक मेहता और भाई वीरेंद्र खड़े होकर कहने लगे कि नीट में जो धांधली हो रही है बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. इसी को लेकर कुछ समय हंगामा देखने को मिला.


नई सुविधा 

शोक प्रस्ताव से पहले विभिन्न अध्यादेशों की प्रतियां मुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने पेश की. सदस्यों की सुविधा के लिए पहली बार शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की सूचनाएं ऑनलाइन स्वीकार करने की व्यवस्था की गई है। शून्यकाल की सूचनाएं सुबह 8 बजे से 9 बजे तक और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की सूचनाएं सुबह 9 बजे से 10 बजे तक ऑनलाइन जमा की जा सकेंगी।


कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरेगा

दरअसल, मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। राजद, कांग्रेस और वाम दल राज्य में हालिया आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर समेत अन्य घटनाओं को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग सकता है। इसके अलावा रिशु श्री मामला, बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास योजनाओं की रफ़्तार और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी विपक्ष के तरकश के अहम तीर होंगे।