Bihar Budget Session: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का 11वां दिन आज, सरकार को घेरेगा विपक्ष, जबरदस्त हंगामे के आसार
Bihar Budget Session: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का आज 11वां दिन है। आज भी सदन में भारी हंगामे के आसार हैं। विपक्ष सरकार को घेरने के लिए तैयार है। बीते दिन भी सदन में जबरदस्त बवाल देखने को मिला था।
Bihar Budget Session: बिहार विधानमंडल का बजट सत्र जारी है। बजट सत्र का आज 11 वां दिन है। आज भी सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहने की संभावना है। सदन में आरक्षण समेत कई मुद्दों पर जोरदार हंगामे की संभावना जताई जा रही है। राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस आरक्षण की सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने दलित नेता रामविलास पासवान को लेकर दिए गए बयान पर राजद के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ऐसे में सदन का माहौल फिर गरम रहने के आसार हैं।
सोमवार को हुई थी तीखी नोकझोंक
सोमवार को सत्र के पहले चरण के शुरु होते ही पक्ष विपक्ष में भारी बवाल देखने को मिला। हाथों में तख्ती लेकर दोनों पक्षों की ओर से सदन में हंगामा किया गया। विधानसभा अध्यक्ष के बार बार शांत कराने के बाद भी लगातार हंगामा जारी रहा। वहीं दूसरे चरण में सदन की कार्यवाही के दौरान तीखी बहस देखने को मिली। एलजेपी-आर के विधायक राजू तिवारी और राजद विधायक कुमार सर्वजीत के बीच बयानबाजी को लेकर टकराव हो गया।
राजद-लोजपा(रा) में भिड़त
राजू तिवारी ने अपने संबोधन में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को सदन का आईना कहा जाता है, लेकिन वह अपनी भूमिका निभाने में असफल रहा है और नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। इस पर कुमार सर्वजीत ने कड़ा विरोध जताते हुए पलटवार किया और सामाजिक न्याय के मुद्दे उठाए। दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक तीखी बहस चली, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। बाद में सभापति के हस्तक्षेप से स्थिति शांत कराई गई और कार्यवाही आगे बढ़ी।
‘बेचारे’ शब्द पर बढ़ा विवाद
रामविलास पासवान को लेकर दिए गए बयान पर सफाई देते हुए कुमार सर्वजीत ने कहा कि उन्होंने किसी का अपमान नहीं किया। उनका कहना था कि जब कोई महान व्यक्ति दुनिया से चला जाता है तो लोग भावनात्मक रूप से कहते हैं कि अगर वे आज होते तो समाज के लिए और काम करते। उन्होंने यह भी मांग दोहराई कि विधानसभा परिसर में रामविलास पासवान की प्रतिमा लगाई जानी चाहिए। उनके मुताबिक, पासवान दलित समाज के बड़े नेता थे और उनकी विरासत को सम्मान मिलना चाहिए। इन मुद्दों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तल्खी बढ़ती दिख रही है, जिससे आने वाले दिनों में बजट सत्र के दौरान और तीखी बहस और हंगामे की संभावना बनी हुई है।