हिजाब कांड का क्लाइमेक्स आज! डॉ. नुसरत के पास सरकारी नौकरी बचाने का अंतिम मौका

बिहार में सीएम नीतीश कुमार द्वारा हिजाब हटाए जाने के बाद विवादों में आईं आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन के पास नौकरी जॉइन करने का आज आखिरी दिन है। 23 दिनों से लापता नुसरत को लेकर सस्पेंस बरकरार है, वहीं झारखंड से मिले 3 लाख के ऑफर ने मामले को और गर्मा दिया

हिजाब कांड का क्लाइमेक्स आज! डॉ. नुसरत के पास सरकारी नौकरी ब

Patna : बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है। मुद्दा है आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन की जॉइनिंग का। 15 दिसंबर को पटना के मंच पर जो हुआ, उसने न केवल एक महिला डॉक्टर की गरिमा को झकझोरा, बल्कि अब उनकी सरकारी नौकरी पर भी तलवार लटक गई है। आज, 7 जनवरी को जॉइनिंग की अंतिम समयसीमा समाप्त हो रही है, लेकिन नुसरत का कहीं कोई पता नहीं है।

23 दिनों से 'गायब' नुसरत: बंद घर और खामोश गलियां

मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से हिजाब हटाए जाने की घटना के बाद से डॉ. नुसरत परवीन अपने कॉलेज और घर से नदारद हैं। उनके घर पर ताला लटका है और परिजनों ने भी चुप्पी साध ली है। विभाग ने उनकी जॉइनिंग की तारीख को 20 दिसंबर से बढ़ाकर पहले 31 दिसंबर और अब 7 जनवरी किया, लेकिन नुसरत ने अब तक सिविल सर्जन कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है।

झारखंड का 'मेगा ऑफर': 32 हजार की नौकरी बनाम 3 लाख का सम्मान

इस पूरे विवाद में पड़ोसी राज्य झारखंड की एंट्री ने आग में घी का काम किया है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इसे महिला सम्मान का मुद्दा बनाते हुए नुसरत को खुला प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में जहाँ उन्हें मात्र 32 हजार रुपए मिल रहे हैं, वहीं झारखंड सरकार उन्हें 3 लाख रुपए मासिक वेतन, मनचाही पोस्टिंग और सरकारी फ्लैट देगी। मंत्री का सीधा हमला नीतीश कुमार पर था कि "झारखंड में बेटियों के सम्मान से समझौता नहीं होता।"

क्या है पूरा हिजाब विवाद? जिसने डॉक्टर को कर दिया 'असहज'

बता दें कि 15 दिसंबर को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नुसरत को पास बुलाकर उनके हिजाब पर टिप्पणी की थी। सीएम ने मुस्कुराते हुए पूछा था, "ये क्या है जी?" और जवाब मिलने से पहले ही खुद अपने हाथों से उनका हिजाब हटा दिया था। इस दौरान मंच पर मौजूद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की थी, लेकिन तब तक नुसरत सार्वजनिक रूप से असहज हो चुकी थीं।

आज खत्म होगा इंतज़ार: क्या रद्द हो जाएगी नियुक्ति?

स्वास्थ्य विभाग के नियमों के मुताबिक, अगर कोई अभ्यर्थी तय समयसीमा और विस्तार के बावजूद जॉइनिंग रिपोर्ट नहीं करता है, तो उसकी नियुक्ति स्वतः रद्द मानी जा सकती है। आज शाम तक अगर नुसरत सिविल सर्जन कार्यालय नहीं पहुँचती हैं, तो बिहार सरकार उनकी जगह वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवार को मौका दे सकती है।