बिहार के सेवानिवृत्त शिक्षकों की बल्ले-बल्ले; फरवरी महीने के सेवांत लाभ के लिए ₹173.89 करोड़ विमुक्त

बिहार सरकार ने राज्य के पारंपरिक विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने फरवरी 2026 के सेवांत लाभों के भुगतान के लिए ₹173.89 करोड़ की राशि विमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है ।

बिहार के सेवानिवृत्त शिक्षकों की बल्ले-बल्ले; फरवरी महीने के

Patna - बिहार के विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए इस बार की होली खुशियों वाली होने जा रही है । राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने होली के त्योहार से ठीक पहले एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए फरवरी 2026 के सेवांत लाभ (pensionary benefits) के भुगतान हेतु ₹173.89 करोड़ की भारी राशि विमुक्त कर दी है । इस राशि से पेंशन के साथ-साथ ग्रेच्युटी और अन्य बकाया भत्तों का भुगतान किया जा सकेगा, जिससे हजारों परिवारों में उत्सव का माहौल है ।

उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. (डॉ.) एनके अग्रवाल द्वारा जारी इस आदेश के तहत मगध विश्वविद्यालय को सर्वाधिक ₹34.41 करोड़ और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को ₹29.66 करोड़ आवंटित किए गए हैं । इसके अलावा बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को ₹28.94 करोड़, वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय को ₹15.40 करोड़ और पटना विश्वविद्यालय को ₹11.77 करोड़ की राशि दी गई है । विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह राशि सीधे विश्वविद्यालयों के पी.एल. (PL) खातों में हस्तांतरित की जाएगी ताकि भुगतान में कोई देरी न हो ।

सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए दोहरी खुशी की बात यह है कि वित्त विभाग ने जनवरी 2026 के बकाया ₹170.46 करोड़ की निकासी पर लगी रोक भी हटा दी है । जनवरी और फरवरी दोनों महीनों को मिलाकर अब कुल ₹344.35 करोड़ की राशि विमुक्त की गई है । इस निर्णय से उन बुजुर्ग शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी पेंशन तकनीकी कारणों से पिछले कुछ समय से लंबित थी ।

भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने सख्त शर्तें भी लागू की हैं । आदेश के अनुसार, पेंशन और अन्य लाभों का लाभ केवल उन्हीं कर्मियों को मिलेगा जो विधिवत सृजित पदों पर नियमित रूप से नियुक्त हुए थे । अंगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षकों के लिए 'वेतन सत्यापन कोषांग' से सत्यापन कराना अनिवार्य होगा, हालांकि सत्यापन लंबित होने की स्थिति में उन्हें 'औपबंधिक पेंशन' (Provisional Pension) देने का प्रावधान भी किया गया है।

सरकार ने चेतावनी दी है कि विमुक्त की गई राशि का उपयोग किसी अन्य मद में नहीं किया जा सकेगा और भुगतान में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता होने पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी । सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे पेंशनधारियों की सूचनाएं 'पे-रोल मैनेजमेंट पोर्टल' पर शीघ्र अपडेट करें । होली से पहले इस बड़ी राशि के जारी होने से शिक्षा जगत में सरकार के इस कदम की सराहना की जा रही है।