Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का तांडव, 8 नदियां खतरे के पार, 13 जिलों में हाहाकार, गंगा-सोन का रौद्र रूप
Bihar Flood: गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा समेत आठ नदियां कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है।...
Bihar Flood: बिहार में नदियों का मिजाज बेहद तल्ख हो गया है। लगातार बारिश और जलस्तर में बेतहाशा इजाफे से सूबे में बाढ़ का संकट गहरा गया है। गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा समेत आठ नदियां कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है।
पटना में गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 127 सेंटीमीटर, जबकि दीघा घाट पर 61 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पटना सिटी के भद्रघाट और महावीर घाट की सर्विस लेन पर घुटनों तक पानी पहुंच गया है। वहीं श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.01 मीटर ऊपर बह रही है।
सोन नदी ने भी हालात को और संगीन बना दिया है। रोहतास के इंद्रपुरी बैराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं। बैराज से करीब 5.63 लाख क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़े जाने के बाद मनेर, दानापुर, बख्तियारपुर और मोकामा के दियारा इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 12 सरकारी नावें तैनात की गई हैं।
बक्सर में कर्मनाशा नदी का पानी सिकरौल गांव के रास्ते पर तीन फीट तक चढ़ गया है और नेशनल हाईवे भी पानी में डूब गया है। बेतिया में गंडक के कटाव ने एक पक्के मकान को अपने आगोश में ले लिया। भागलपुर के नवगछिया में करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर भी कटाव की भेंट चढ़कर गंगा में समा गया। हालांकि तेज धार में फंसी नाव पर सवार 11 मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया।
कैमूर में तेलहाड़ कुंड, करकटगढ़ और बंसी खोह जलप्रपात भी उफान पर हैं। वन विभाग ने लोगों को इन इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है। उधर बगहा में गंडक बैराज से 1,63,800 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में गंगा खतरे के निशान से 1.50 मीटर ऊपर बह रही है। भागलपुर में राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर तेज कटाव से रेलवे के टैगिंग बांध पर खतरा मंडरा रहा है। सुरक्षा के लिए दिन-रात करीब 200 ट्रैक्टर और तीन स्टीमर बालू की बोरियां गिराने में जुटे हैं।
रोहतास के नौहट्टा में सोन के टीलों पर खेती करने वाले करीब 100 लोग पानी के बीच फंस गए हैं। सासाराम के कादिरगंज मोहल्ले में करीब 50 घरों के लगभग 300 लोग चार दिनों से जलजमाव की मुसीबत झेल रहे हैं। जहानाबाद में दरधा नदी का पानी जाफरगंज पुल के ऊपर से करीब दो फीट बह रहा है।
बिहार में बाढ़ का यह विकराल रूप प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की जा रही है।