Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का विकराल रूप, गंगा- सोन समेत 10 नदियां उफनाईं, गांव से धाम तक में पानी हीं पानी

Bihar Flood: बिहार में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगा और सोन समेत राज्य की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं।...

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गंगा- सोन समेत 10 नदियां उफनाईं- फोटो : reporter

Bihar Flood: बिहार में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगा और सोन समेत राज्य की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। पटना से लेकर भागलपुर, बक्सर, मुंगेर, कैमूर, रोहतास और जहानाबाद तक बाढ़ और कटाव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इंद्रपुरी सोन बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। प्रशासन ने तटीय इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है।

पटना में दीघा घाट पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी भी लाल निशान से करीब 160 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुकी है। सदर प्रखंड के नकटा दियारा, दानापुर के पन्नापुर दियारा तथा मोकामा और बख्तियारपुर के दियारा इलाकों में बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई जगह स्कूल बंद हैं, जबकि अस्पतालों में पानी घुसने से इलाज व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

सोन नदी में पानी छोड़े जाने से खतरा और बढ़ गया है। इंद्रपुरी सोन बराज से 5.12 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने की सूचना है। इसके बाद बराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं। जलस्तर में और वृद्धि की आशंका के बीच नौहट्टा, रोहतास, तिलौथू, डेहरी और नासरीगंज के तटीय इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

जहानाबाद में दरधा नदी अचानक उफान पर आ गई। जाफरगंज पुल के करीब दो फीट ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। बक्सर में गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर कर्मनाशा नदी पर भी पड़ा है। सिकरौल गांव के रास्ते पर कर्मनाशा का पानी करीब तीन फीट ऊपर चढ़ गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं। बक्सर-मोहनिया एनएच पर भी पानी चढ़ने से परेशानी बढ़ी है।

कैमूर की पहाड़ियों पर पिछले 24 घंटे में भारी बारिश के बाद दुर्गावती, सुगवा, अवसानी, तुतलाही और काव नदियां उफान पर हैं। सुगवा नदी का पानी गुप्ता धाम के मुख्य द्वार तक पहुंच गया। धाम के सामने की कई दुकानें पानी की तेज धार में बह गईं।

उधर, सहरसा में तेज हवाओं के बीच 15 लोगों से भरी नाव पलट गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची के लापता होने की खबर है। रोहतास में भी भारी बारिश दर्ज की गई है।

भागलपुर के नवगछिया में गंगा का कटाव बेहद खतरनाक हो गया है। खरीक के राघोपुर-नरकटिया तटबंध का हिस्सा गंगा में समा गया। शंकरपुर में करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर भी कटाव की भेंट चढ़ गया। वहीं कटाव निरोधी कार्य में लगी 11 मजदूरों से भरी नाव तेज धार में बह गई, लेकिन सभी मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया।बिहार में गंगा, सोन, पुनपुन, कर्मनाशा, दरधा, दुर्गावती और अन्य नदियों का बढ़ता जलस्तर अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। लगातार बढ़ते पानी और तेज कटाव ने दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।