बिहार में मजिस्ट्रेट बनने के लिए 'पे-लेवल' बताना जरूरी, सरकार ने सभी DM को जारी किया आदेश

बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है, जिसमें जिलाधिकारियों से कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियों के लिए भेजे जाने वाले प्रस्तावों में अधिकारियों के वेतन स्तरकी जानकारी अनिवार्य रूप से देने का निर्देश दिया गया है।

बिहार में मजिस्ट्रेट बनने के लिए 'पे-लेवल' बताना जरूरी, सरका

Patna - बिहार सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यपालक दंडाधिकारियों की शक्तियों के आवंटन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब जिलाधिकारियों को प्रस्ताव भेजते समय संबंधित अधिकारी के वर्तमान वेतन स्तर का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। 

बीएनएसएस (BNSS) के तहत शक्तियों का आवंटन

सरकार के उप सचिव राजीव रंजन दास द्वारा सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 14 और धारा 163 के तहत कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान करने के लिए विभिन्न सेवा संवर्गों के अधिकारियों की अनुशंसा की जाती है। इस प्रक्रिया में नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। 

ग्रेड पे और वेतन स्तर की अनिवार्यता

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के पूर्व निर्देशों के अनुसार, विभिन्न अनुमंडलों में रिक्त पदों के विरुद्ध केवल उन्हीं अधिकारियों की अनुशंसा की जानी चाहिए जिनका ग्रेड पे ₹4800 (पुनरीक्षित वेतन स्तर-8) है। हालांकि, विभाग ने पाया है कि जिलों से आने वाली अनुशंसाओं में अक्सर अधिकारियों के वेतन स्तर का स्पष्ट उल्लेख नहीं होता है, जिससे निर्णय लेने में कठिनाई होती है। 

प्रस्ताव के लिए नई चेकलिस्ट

सरकार ने अब सभी जिलाधिकारियों से अनुरोध किया है कि भविष्य में कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्ति प्रदान करने के लिए जो भी प्रस्ताव भेजे जाएं, उनमें निम्नलिखित विवरण स्पष्ट रूप से शामिल हों:

  • अधिकारी का नाम

  • वर्तमान पदस्थापन (Posting)

  • सेवा संवर्ग (Service Cadre)

  • अधिकारी का वर्तमान वेतन स्तर (Current Pay Level)